आर्थ्रोप्लास्टी क्या है, खर्च और कैसे होता है – Arthroplasty procedure, cost, recovery time in Hindi

आर्थ्रोप्लास्टी एक सर्जिकल प्रोसीजर है, जिसमें कोई रोगग्रस्त या क्षतिग्रस्त जोड़ को फिर से ठीक किया जाता है या उसे हटा दिया जाता है और उसकी जगह पर प्लास्टिक, धातु या सेरामिक का अंग प्रतिस्थापित किया जाता है, जिसे प्रोस्थेसिस कहते हैं। यह सर्जरी तब ही की जाती है जब प्रभावित जोड़ को बिना सर्जरी के विकल्पों (फिजिकल थैरेपी और दवाओं) से ठीक नहीं किया जा सकता है।

कंधे, कूल्हे, कोहनी और घुटने सहित विभिन्न जोड़ों में आर्थ्रोप्लास्टी की जा सकती है। इस सर्जरी को करने में एक से तीन घंटे तक का समय लगता है और सर्जरी के बाद आमतौर पर एक से तीन दिन तक अस्पताल में (आपकी स्थिति के अनुसार) रहना पड़ता है। सर्जरी के बाद अस्पताल में रहने के दौरान एक फिजिकल थैरेपिस्ट आपको बताएंगे कि घर पर जाकर आपको किस तरह की एक्सरसाइज करनी हैं। इससे आपको जल्द से जल्द अपनी नॉर्मल जिंदगी में लौटने में मदद मिलेगी। सर्जरी के बाद आपको जोड़ों के दर्द से राहत मिलेगी और आप प्रभावित जोड़ की कार्य प्रणाली में बेहतरी का अनुभव करेंगे।

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  1. आर्थ्रोप्लास्टी क्या होती है – What is arthroplasty in Hindi?
  2. आर्थ्रोप्लास्टी क्यों की जाती है? – Why is arthroplasty recommended in Hindi?
  3. आर्थ्रोप्लास्टी कौन करवा सकता है कौन नहीं – Who can and cannot get an arthroplasty in Hindi?
  4. आर्थ्रोप्लास्टी से पहले की तैयारियां – What preparations are needed before arthroplasty in Hindi?
  5. आर्थ्रोप्लास्टी कैसे की जाती है – How is arthroplasty done in Hindi?
  6. आर्थ्रोप्लास्टी के बाद स्वयं की देखभाल कैसे करें – How to care for yourself after arthroplasty in Hindi?
  7. आर्थ्रोप्लास्टी की संभावित जटिलताएं और जोखिम कारक – What are the possible complications/risks of arthroplasty in Hindi?
  8. आर्थ्रोप्लास्टी के बाद अपने डॉक्टर से कब संपर्क करें? – When to follow up with your doctor after an arthroplasty in Hindi?

आर्थ्रोप्लास्टी एक ऑर्थोपेडिक सर्जरी है, जिसमें क्षतिग्रस्त जोड़ को फिर से ठीक किया जाता है या कृत्रिम अंग (प्रोथेसिस) से बदल दिया जाता है। आर्थ्रोप्लास्टी के निम्न प्रकार होते हैं : 

  • टोटल आर्थ्रोप्लास्टी : क्षतिग्रस्त जोड़ को पूरी तरह से हटाकर बदल दिया जाता है।
  • पार्शियल आर्थ्रोप्लास्टी : जोड़ के क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाकर बदल दिया जाता है।
  • रिसर्फेसिंग आर्थ्रोप्लास्टी : जोड़ की क्षतिग्रस्त सतह को वापस उचित स्थान पर लाया जाता है।

जोड़ हमारे शरीर में ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां पर दो या इससे अधिक हड्डियों के सिरे मिलते हैं। शरीर में विभिन्न जोड़ होते हैं, जिनमें से कुछ स्थिर होते हैं जबकि अन्य हड्डियों को गतिशीलता प्रदान करते हैं। शरीर में चलने वाले जोड़ों के प्रकारों में हिंज ज्वाइंट (घुटने, उंगलियां और कोहनी), कलाई (एल्लिप्सोयडल ज्वाइंट), कूल्हे और कंधे (बॉल-एंड-सॉकेट ज्वाइंट) और गर्दन (पाइवोट ज्वाइंट) शामिल हैं।

हड्डियों के जोड़ से जुड़ी कुछ स्थितियां जैसे – फ्रैक्चर और गठिया के कारण तीव्र दर्द और प्रभावित जोड़ की गतिशीलता प्रभावित होती है। आर्थ्रोप्लास्टी में प्रभावित या क्षतिग्रस्त जोड़ को वापस पुरानी स्थिति में लाया जाता है या उसे कृत्रिम अंग से बदल दिया जाता है, ताकि यह पहले की तरह (स्वस्थ तरीके से) काम करने लगे। जोड़ के क्षतिग्रस्त हिस्से को बदलने के लिए आमतौर पर प्लास्टिक, धातु और सेरामिक से बने प्रोस्थेसिस का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर घुटने और कूल्हे के जोड़ की आर्थ्रोप्लास्टी की जाती है। हालांकि, कलाई, टखना, कोहनी और कंधे जैसे अन्य जोड़ों की भी आर्थ्रोप्लास्टी होती है।

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आर्थ्रोप्लास्टी जोड़ों के दर्द और विकलांगता से राहत प्रदान करने के लिए की जाती है। जिसमें गैर-सर्जिकल इलाज (दवाएं, फिजिकल थैरेपी, वजन घटाने, आदि) से राहत नहीं मिलती है। निम्न स्थितियों में इस सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है :

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस
  • सेप्टिक आर्थराइटिस (जोड़ों में दर्दनाक इंफेक्शन)
  • हीमोफीलिया (प्राकृतिक रूप में ब्लड क्लॉट न बनना)
  • रूमेटाइड गठिया (पुराना इंफ्लेमेटरी डिसऑर्डर, जिसमें हाथ-पैर सहित कई जोड़ प्रभावित होते हैं)
  • बोन डिस्प्लेसिया (हड्डी और उपास्थियों की ग्रोथ से जुड़ा डिसऑर्डर)
  • जोड़ में हड्डी तक रक्त की आपूर्ति में कमी
  • उपास्थि को नुकसान पहुंचना
  • गाउट
  • फ्रैक्चर
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निम्न स्थितियों वाले लोगों में आर्थ्रोप्लास्टी का विपरीत असर हो सकता है :

  • सेप्सिस (सक्रिय या छिपा हुआ)
  • जोड़ या शरीर के किसी अन्य अंग में संक्रमण
  • गंभीर संवहनी रोग (धमनियों की शिथिलता)
  • घुटने के बाहरी तंत्र (घुटने का विस्तार करने वाली मांसपेशियों) में शिथिलता – घुटने की आर्थ्रोप्लास्टी का विपरीत असर
  • रोटेटर कफ का फटना जिसे रिपेयर भी नहीं किया जा सकता, ब्रेकियल प्लेक्सस पाल्सी या अपर्याप्त ग्लेनॉइड बोन स्टॉक – कंधे की आर्थ्रोप्लास्टी का विपरीत असर

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सर्जरी से कुछ दिन पहले आपको सर्जन के पास जाना होगा, ताकि सर्जरी पूर्व का मूल्यांकन किया जा सके। इस दौरान आपको निम्न जानकारियां साझा करने के लिए कहा जाएगा :

  • मेडिकल कंडीशन (यदि आपको कोई बीमारी हो या पूर्व में रही हो)
  • क्या आपको किसी तरह की कोई एलर्जी है
  • गर्भावस्था की स्थिति
  • आप ओवर-द-काउंटर जो दवाएं ले रहे उनकी जानकारी
  • जड़ी-बूटियां और विटामिन यदि कुछ ले रहे हों तो

आपका एक फिजिकल एग्जामिनेशन किया जाएगा। सर्जन आपके जोड़ों की जांच करने के लिए आपको निम्नलिखित टेस्ट करने को कहेंगे। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आप सर्जरी के लिए शारीरिक रूप से फिट हैं :

इसके अलावा, आपको सर्जरी की तैयारी में मदद करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए जाएंगे :

  • सर्जरी से कई दिन या कुछ हफ्ते पहले एस्पिरिन, आइबुप्रोफेन, वारफेरिन और अन्य खून पतला करने वाली दवाएं बंद कर दें। आपको सर्जरी के दिन ली जाने वाली दवाओं की एक सूची भी दी जाएगी।
  • धूम्रपान बंद करें, क्योंकि इससे उपचार में देरी हो सकती है।
  • सर्जरी से पहले यदि आपको बुखार, सर्दी या फ्लू हो जाता है तो सर्जन को इस बारे में सूचित करें। ऐसे में आपकी सर्जरी को कुछ दिनों के लिए टाला जा सकता है।
  • सर्जरी से पहले आधी रात से कुछ भी खाएं या पिएं नहीं। सर्जरी के दौरान उल्टी (जनरल एनेस्थीसिया का दुष्प्रभाव) को रोकने के लिए सर्जरी से पहले उपवास रखा जाता है।
  • सर्जरी के दिन अस्पताल जाने से पहले अच्छे से नहां लें। किसी भी तरह के मेकअप, नेल पॉलिस और ईयर-नोज रिंग आदि को उतार दें।
  • अपने साथ परिवार के किसी सदस्य, दोस्त या जिम्मेदार व्यक्ति को अस्पताल लेकर जाएं। ताकि वह सर्जरी के बाद आपको घर लेकर जा सके और सर्जरी के बाद के कुछ हफ्तों तक दैनिक कार्यों में आपकी मदद कर सके।
  • किसी अच्छे फिजिकल थैरेपिस्ट से मिलें, जो आपको सर्जरी के बाद पुनर्वास में मदद कर सके।

अस्पताल में आपको एक सहमति पत्र दिया जाएगा, जिस पर हस्ताक्षर करके आप सर्जन को सर्जरी की अनुमति दे देते हैं। हालांकि, हस्ताक्षर करने से पहले सहमति पत्र को अच्छे से पढ़ लें।

(और पढ़ें – सर्जरी से पहले की तैयारी)

अस्पताल पहुंचने के बाद, आप निम्नलिखित चीजों की अपेक्षा कर सकते हैं :

  • अस्पताल पहुंचने के बाद आपको वहां का स्टाफ अपने कपड़े उतारने और विशेष ड्रेस (हॉस्पिटल गाउन) पहनने में मदद करेंगे।
  • सर्जरी के दौरान दवाएं और अन्य तरल पदार्थों की आपूर्ति के लिए आपकी बांह की नस से इंट्रावेनस ड्रिप जोड़ दी जाएगी।
  • यदि आपने कृत्रिम दांत, चश्मा, कॉन्टेक्ट लेंस और सुनने की मशीन लगाई है तो उन्हें हटाने के लिए कहा जाएगा।

आर्थ्रोप्लास्टी सर्जरी में निम्नलिखित चरण शामिल हैं :

  • एक एनेस्थिजियोलॉजिस्ट आपको जनरल या लोकल एनेस्थीसिया देंगे। जहां जनरल एनेस्थीसिया से आपको सर्जरी के दौरान गहरी नींद आ जाएगी और कुछ भी महसूस नहीं होगा, वहीं लोकल एनेस्थीसिया से जिस अंग का ऑपरेशन किया जा रहा है वह हिस्सा सुन्न हो जाएगा।
  • आपको उन उपकरणों से जोड़ दिया जाएगा, जो सर्जरी के दौरान आपके शरीर के महत्वपूर्ण संकेतों को मापेंगे।
  • जिस हिस्से की सर्जरी की जानी है वहां के बालों को हटाकर एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन से साफ किया जाएगा।
  • जिस हिस्से का ऑपरेशन होना है सर्जन वहां एक कट (चीरा) लगाएंगे।
  • टोटल और पार्शियल आर्थ्रोप्लास्टी में क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त ज्वाइंट को पूरी तरह से हटाकर उसकी जगह कृत्रिम अंग लगा दिया जाता है। री-सर्फेसिंग आर्थ्रोप्लास्टी में क्षतिग्रस्त सतह की छंटनी करके उसे चिकनी धातु के खोल से ठक दिया जाता है।
  • सर्जरी पूरी होने के बाद सर्जन चीरे की सिलाई कर देते हैं और वहां पर ड्रेसिंग कर दी जाती है।

इस सर्जरी में एक से तीन घंटे तक का समय लग सकता है। सर्जरी के बाद अस्पताल का स्टाफ आपको रिकवरी वार्ड में शिफ्ट कर देगा और बाद में आपकी स्थिति में सुधार होने पर अस्पताल के कमरे में शिफ्ट कर दिया जाएगा। अस्पताल में रहने के दौरान आप निम्नलिखित बातों की अपेक्षा कर सकते हैं :

  • आप थका हुआ और बेचैन महसूस कर सकते हैं। सर्जरी के बाद जब आपकी नींद खुलेगी तो आप गले में खराश महसूस कर सकते हैं और आपका मुंह सूख सकता है। यह सब एनेस्थीसिया के साइड इफेक्ट हैं जो कुछ ही घंटों में धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे।
  • आपके शरीर के महत्वपूर्ण संकेतों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
  • आपको सर्जरी के बाद दर्द से राहत प्रदान करने के लिए दर्द निवारक दवाएं और संक्रमण से बचाने के लिए एंटीबायोटिक दिए जाएंगे।
  • खून के थक्के जमने से रोकने के लिए पैरों में कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने को दी जाती हैं।
  • जिस जोड़ का ऑपरेशन किया गया है उसका एक एक्स-रे किया जाएगा ताकि सर्जन उसकी जांच कर सकें।
  • आपके फेफड़ों को साफ रखने और निमोनिया से बचाए रखने के लिए स्पाइरोमीटर नाम के एक उपकरण का उपयोग करना सिखाया जाएगा।
  • एक फिजिकल थेरैपिस्ट आपको आराम से सोने, बैठने और खड़े होने का तरीका सिखाएगा। इसके अलावा यदि जरूरत हो तो आपको लाठी, वॉकर या बैसाखी का उपयोग करना भी सिखाया जाएगा। आपको अपने घर पर स्वयं ही व्यायाम करना भी सिखाया जाएगा।

सर्जरी के बाद आपको एक से तीन दिन के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

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ऑपरेशन के बाद घर पर देखभाल के लिए आपको निम्नलिखित निर्देश दिए जाएंगे :

  • जिस जगह पर सर्जरी हुई है उसे साफ और सूखा रखें। ड्रेसिंग बदलने के लिए अस्पताल द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
  • फिजिकल थेरैपिस्ट या सर्जन के निर्देशानुसार वॉकर, बैसाखी या लाठी का प्रयोग करें।
  • सर्जन द्वारा बताई गई दवाओं का नियमित तौर पर सेवन करें।
  • सर्जन से सलाह लेने के बाद ही ड्राइविंग शुरू करें।
  • फिजिकल थेरैपिस्ट द्वारा सुझाए गए एक्सरसाइज नियमों का पालन करें।
  • अपनी रिकवरी को आसान बनाने के लिए आपको घर पर कुछ बदलाव करने पड़ सकते हैं। घर पर आपको जिन कुछ बदलावों की आवश्यकता हो सकती है उनमें शामिल हैं :
    • शावर और सीढ़ियों के साथ सुरक्षा रेलिंग
    • ऐसी कुर्सी का इस्तेमाल करें जिसमें हाथ रखने के लिए जगह हो, पीछे अच्छा कुशन हो और मजबूत हो
    • ड्रेसिंग स्टिक (एक लंबी, लकड़ी की छड़ी जिसके सिरे पर एक विशेष हुक होता है जो ड्रेसिंग से संबंधित कार्यों में मदद करता है)
    • टॉयलेट की उठी हुई सीट
    • सामान उठाने से बचें और ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हों, जिसमें आपको झुकना पड़े या स्क्वॉट पोजिशन में आना पड़े।
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डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण महसूस होते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें :
  • तेज बुखार
  • ठंड लगना
  • ऑपरेशन वाली जगह पर सूजन, दर्द, गर्म महसूस होना और लालिमा बढ़ जाना
  • प्रभावित जोड़ में झुनझुनी या सनसनी का एहसास न होना
  • चीरे के घाव से द्रव का रिसाव

(और पढ़ें – मांसपेशियों में दर्द के कारण)

आर्थ्रोप्लास्टी सर्जरी से जुड़ी संभावित जटिलताएं और जोखिमों में निम्न शामिल हैं :

  • सर्जरी के स्थान पर संक्रमण
  • खून बहना
  • फेफड़ों और पैरों में रक्त के थक्के बनना
  • प्रत्यारोपित कृत्रिम अंग का खिसक जाना
  • सर्जरी के स्थान पर नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचना
  • प्रत्यारोपित कृत्रिम अंग के आसपास की हड्डी का टूटना
  • एक और सर्जरी की जरूरत पड़ना
  • जनरल एनेस्थीसिया के साइड इफेक्ट – भ्रम, फेफड़ों का संक्रमण और स्ट्रोक होना

(और पढ़ें – फेफड़ों को साफ करने का उपाय)

आपके सर्जन अस्पताल से छुट्टी देने से पहले आपको एक फॉलोअप अप्वाइंटमेंट शेड्यूल देंगे। कुछ दिन बाद दोबारा सर्जन के पास जाने पर आपके टांके हटाए जाएंगे और सर्जन सर्जरी किए हुए अंग की जांच करेंगे।

(और पढ़ें – टांके कैसे लगाए जाते हैं)

अस्वीकरण : उपरोक्त जानकारी विशुद्ध रूप से एक शैक्षिक दृष्टिकोण से दी गई है और किसी भी तरह से एक योग्य चिकित्सक द्वारा चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है।

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संदर्भ

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