ब्लॉकचेन आधारित लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स में इजाफा, 2022 में बढ़ेगा AI,मशीन लर्निंग का ट्रेंड

लेंडिंग और लोन मैनेजमेंट से जुड़ी अधिकतर कंपनियां AI और मशीन लर्निंग से जुड़े एक्सपर्ट्स की भर्ती कर रही है.

2021 में फिनटेक दुनिया में एक बड़ा ट्रेंड रहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लेंडिंग। पहले की जटिल प्रक्रियाओं के बजाय अब फिनटेक कंपनियां उपभोक्ताओं और कंपनियों को तुरंत कर्ज दे रही हैं।

कर्ज लेना कभी एक लंबी प्रक्रिया हुआ करता था लेकिन तकनीक ने इसे आसान कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस की मदद से अब लेंडिंग की प्रक्रिया सिर्फ कुछ घंटो में हो रही है। लैंडिंग, Underwriting, वितरण जैसी सभी प्रक्रियाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मदद कर रहा है।​

GST काउंसिल की 31 दिसंबर को होगी बैठक, कुछ उत्पादों पर नए दरों को लेकर हो सकता है फैसला

यही कारण है कि लेंडिंग और लोन मैनेजमेंट से जुड़ी अधिकतर कंपनियां AI और मशीन लर्निंग से जुड़े एक्सपर्ट्स की भर्ती कर रही है। ऐसी ही एक कंपनी है रेकर क्लब जो कंपनि्यों को कैपिटल मुहैया कराती है वो भी बिना किसी डेट या इक्विटी डाइल्यूशन के। कंपनी के फाउंडर्स IIT, IIM जैसी संस्थाओं से पढ़े हैं और अपनी तकनीकी योग्यता का इस्तेमाल लेंडिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने में कर रहे हैं।

कंपनियों के लिए ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया सिर्फ कुछ मिनटों में पूरी कर ली जाती है। KYC, वित्तीय जानकारियां और रेकरिंग रेवेन्यू जैसी जानकारियां देते हीं सिस्टम कंपनी की वित्तीय सेहत का आकलन कर लेता है । मशीन लर्निंग आधारित रेटिंग इंजन तुरंत कंपनी के एनुअल रेकरिंग रेवेन्यू के आधार पर उसके फाइनेंशियल सीमा का आकलन करती है ।

यानी कंपनियां सिर्फ एक क्लिक से कैपिटल ले सकती हैं। AI बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले क्लाइन्ट्स के भी क्रेडिट योग्यता को पहचानने में मदद करती है। 2021 में AI और ब्लॉकचेन आधारित लेंडिंग प्लैटफॉर्म्स में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। अनुमान के मुताबिक यह ट्रेंड आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।

यह भी पढ़े:  CNG कार खरीदने का एक और ऑप्शन, Tata Tiago CNG की शुरू हुई प्री-बुकिंग
close