भगवान् महावीर के अनमोल विचार | Bhagwan Mahavir Quotes In Hindi

Bhagwan Mahavir Quotes

जैन धर्म के 24वें तीर्थकर महावीर स्वामी ने जैन धर्म के मुख्य पंचशील सिंद्धांत बताए, जिनमें सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अस्तेय, और ब्रह्राचर्य शामिल है। उन्होंने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी।

इसके साथ ही उन्होंने न सिर्फ लोगों को मानवता का पाठ पढ़ाया बल्कि जीवों पर दया करना, एकदूसरे से प्रेम करना, परोपकार करना भी सिखाया। अहिंसा को सबसे उच्चतम गुण बताने वाले महावीर स्वामी जी का पूरा जीवन प्रेरणास्त्रोत है।

वहीं जो भी व्यक्ति महावीर स्वामी जी के महान विचारों का अनुसरण करता है और ईमानदारी से इन्हें अपने जीवन में अपनाता है वह निश्चित ही अपनी जिंदगी में सफलता हासिल करता है। इसलिए आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में महावीर स्वामी जी के कुछ अनमोल और प्रेरणादायक विचारों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें पढ़कर आप अपना संपूर्ण जीवन बदल सकते हैं।

आप महावीर जी के इन कोट्स को अपने सोशल मीडिया अकाउट्ंस व्हाट्सऐप, ट्वीटर, इंस्टाग्राम आदि पर भी अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों के साथ शेयर कर सकते हैं।

“जीवो के प्रति दयाभाव रखो, नफरत विनाश की और ले जाती है।”

भगवान् महावीर के अनमोल विचार | Bhagwan Mahavir Quotes in Hindi

आत्मा अकेले आती हैं, अकेले चली जाती हैं, न कोई उसका साथ देता हैं, न कोई उसका मित्र बनता हैं।

The soul comes alone and goes alone, no one companies it and no one becomes its mate.

आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है। असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं, वो शत्रु हैं क्रोध, घमंड, लालच, आसक्ति और नफरत।

There is no enemy out of your soul. The real enemies live inside yourself, they are anger, proud, greed, attachment, and hate.

खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है।

It is better to win over self than to win over a million enemies.

सभी जीवित प्राणियों के प्रति सम्मान अहिंसा है।

Respect for all living beings is non-violence.

Lord Mahavir Quotes

भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थकर थे, जिन्होंने न सिर्फ पूरी दुनिया में अहिंसा परमो धर्म: का संदेश फैलाया, बल्कि उन्होंने दूसरों की भलाई के लिए अपना राज्य, धन, यश, एश्वर्य और तमाम सुख सुविधाओं का परित्याग कर दिया और उन्होंने अपने पूरे जीवन भर कठोर तपस्या की।

वहीं महावीर स्वामी के बारे में जैन धर्म के अनुयायियों की माने तो उन्होंने 12 साल की कठोर तपस्या करने के बाद अपनी सभी इच्छा शक्ति और इंद्रियों को काबू में कर उन्हें जीत लिया था, जिसकी वजह से जीतने वाले ‘जीतेन्द्र’ भी कहलाए थे।

इसलिए आज हम आपको अपने इस पोस्ट में महावीर स्वामी के अनमोल विचारो के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें पढ़कर आपके अंदर एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, वहीं अगर आप उनके इन विचारों को फेसबुक, व्हाट्सऐप या फिर अन्य सोशल साइट्स पर शेयर करेंगे तो ज्यादा से ज्यादा लोग उनके विचारों से प्रेरणा ले सकेंगे, तो आइए जानते हैं भगवान महावीर स्वामी के अनमोल विचार –

“अहिंसा ही सबसे बड़ा धर्म है।”

Non-violence is the highest religion.

“शांति और खुद पर नियंत्रण ही अहिंसा है।”

Silence and Self-control is non-violence.

स्वयं से लड़ो, बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना? वह जो स्वयम पर विजय कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी।

Fight with yourself, why fight against external foes? He, who conquers himself through himself, will obtain happiness.

हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो। घृणा से विनाश होता है।

Have compassion towards all living beings. Hatred leads to destruction.

Mahavir Thoughts

लोगों को अपने उपदेशों के माध्यम से सच्चाई का मार्ग दिखाने वाले महावीर स्वामी जी को सन्मति , अतिवीर और वीर के नाम से भी जाना जाता है। महावीर जी ने अपने जीवन में पशुबलि का विरोध करने के साथ हिन्दू समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था का भी जमकर विरोध किया साथ ही उन्होंने जियो और जीने दो के सिद्धान्तों पर जोर दिया।

महावीर स्वामी जी सभी को एक नजर से देखते थे और हमेशा उनकी यही कोशिश रहती थी कि संसार में सभी सुखी रहें। यही नहीं महावीर जी ने अपने उपदेशों और शिक्षाओं के माध्यम से लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई।

महावीर स्वामी जी के यह विचार सीख देने वाले हैं। इनके विचारों को हम सभी को गंभीरता से लेना चाहिए।

“हर एक जिव स्वतंत्र होती है। वे एक दुसरे पर निर्भर नही रहती।”

Every soul is independent. None depends on another.

“एक व्यक्ति जलते हुए जंगल में एक ऊँचे पेड़ पर बैठा था। वह सभी जीवीत प्राणियों को मरते हुए देख रहा था, लेकिन वह यह नही समझ पाया की जल्द ही उसकी भी वही दशा होने वाली है। मुर्ख है ऐसे आदमी!!!”

A man is seated on top of a tree in the midst of a burning forest. He sees all living beings perish. But he doesn’t realize that the same fate is soon to overtake him also. That man is a fool.

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महावीर स्वामी ने  अपने जीवन में जातिगत भेदभाव, पशुबलि, हिंसा, समेत समाज में व्याप्त तमाम कुरोतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और अपने पूरे जीवन भर सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते रहे, और उन्होंने समस्त मानव प्राणियों को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया, इसके साथ ही महावीर स्वामी ने दुनिया को सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, ब्रहा्चर्य और अस्तेय, जैसे मूल सिद्धान्तों पर चलने की शिक्षा दी।

इसके अलावा उन्होंने समाज के लोगों को जियो और जीने दो का संदेश अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित।

आपको बता दें कि महावीर स्वामी, करीब 599 ईसवी पूर्व, हिन्दी कैलेंडर के चैत्र माह के 13वें  दिन वैशाली (बिहार) के पास कुण्डलपुल में राजा सिद्धार्थ और माता त्रिशला के घर जन्में थे।

इसलिए इस दिन को हर साल महावीर जयंती के रुप में भी मनाया जाता है। यह तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक मार्च के आखिरी में या फिर अप्रैल महीने की शुरुआत में पड़ती है। इस दिन को जैनधर्म के लोग महापर्व के रुप में मनाते हैं।

महावीर स्वामी ने अपने शरीर को कष्ट देने को ही अहिंसा नहीं माना बल्कि मन, वचन कर्म से भी किसी को  ठेस पहुंचाने को अहिंसा माना। भगवान महावीर के दूरदर्शी और महान विचारों को किसी काल, देश और सम्प्रदाय की सीमा में नहीं बांधा जा सकता, वहीं अगर जो भी महावीर स्वामी के अनमोल विचारों को अपने जीवन में अपना लें, वह निश्चय ही सफलता के पथ पर अग्रसर हो सकता है और एक सफल जीवन का निर्वहन कर सकता है।

“आत्मा की सबसे बड़ी गलती अपने वास्तविक रूप को ना पहचानना है, और यह केवल खुद को जानकार ही ठीक की जा सकती है।”

“भगवान का कोई अलग अस्तित्व नही है। हम सभी सही दिशा में अच्छी कोशिशे कर के भगवानो जैसी शक्तिया प्राप्त कर सकते है।”

“हर एक आत्मा अपने आप में ही सर्वज्ञ (परिपूर्ण) और आनंदित है। आनंद कभी बाहर से नहीं आता।”

Bhagwan Mahavir Quotes

अहिंसा के प्रमुख ध्वजवाहको में से एक महावीर स्वामी जी के उपदेशों और उनकी शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए भारत में हर साल हिन्दू कैलेंडर के चैत्र महीने के 13वें दिन उनकी जयंती भी मनाई जाती है। वहीं इस दिन पूरे देश में सरकारी अवकाश भी घोषित किया गया है।

सत्य को महान  बताने वाले  एवं दूसरों की भलाई के लिए अपना धन, राज्य, यश और तमाम सुख सुविधाओं का परित्याग करने वाले महावीर स्वामी जी ने अपने सभी इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर ली थी, जिसकी वजह से वे जितेनद्रिय याजिनभी कहलाए थे।

महावीर स्वामी जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सही दिशा में जीवने जीने की राह दिखाई और लोगों के अंदर जीवन के प्रति सकारात्मकता भरने का काम किया। वहीं महावीर स्वामी जी के यह अनमोल विचार आपके जीवन में भी नई उमंग और ऊर्जा भर सकते हैं।

“सभी जीवो का सम्मान करना ही अहिंसा है।”

“सभी इंसान अपनी ही गलतियों की वजह से दुखी होते है, और वे खुद अपनी गलतिया सुधारकर खुश हो जाते है।”

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