मार्केट की गिरावट से 2021 में लिस्ट IPOs को लगा झटका, अपने हाई से 10-50% तक टूटे

ओमीक्रोन की चिंता और केंद्रीय बैंकों की सख्ती के अलावा, ऊंची वैल्युएशन या फंडामेंटल की तुलना में ऊंची कीमत के चलते न सिर्फ बाजार बल्कि स्टॉक्स में भी गिरावट बनी हुई है

सेकेंडरी मार्केट की मजबूती के बीच वर्ष 2021 प्राइमरी मार्केट के लिए शानदार रहा, लेकिन पिछले दो महीने से दिख रही गिरावट ने सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है और कई लिस्टेड स्टॉक अपने उच्चतम स्तर से 10-50 फीसदी तक नीचे कारोबार कर रहे हैं।

हाल के निचले स्तर से मौजूदा 5 फीसदी रिकवरी से पहले निफ्टी50 अपने 18,604 (19 अक्टूबर का स्तर) के रिकॉर्ड हाई से 11 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है। 18 महीने से ज्यादा की तेजी के बाद ग्लोबल मार्केट की तुलना मंहगा होने के कारण यह गिरावट जरूरी हो गई थी। ओमीक्रोन के डर और यूएस में रेट हाइक की उम्मीदों के चलते भी मार्केट का ट्रेंड बदल गया।

इस साल 65 आईपीओ लॉन्च हुए और उनमें से 62 अभी तक स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो चुके हैं। इनमें से कई ने इस साल मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, लेकिन अब सभी अपने हाई से नीचे कारोबार कर रहे हैं।

कौन से शेयर बने सबसे बड़े लूजर

सूर्योदय स्माल फाइनेंस बैंक और कार ट्रेड टेक सबसे बड़े लूजर साबित हुए हैं, जो अपने हाई से लगभग 50 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। साथ ही दोनों स्टॉक अपने इश्यू प्राइस से भी लगभग 50 फीसदी नीचे हैं।

पारस डिफेंस और स्पेस टेक्नोलॉजिस अपने उच्चतम स्तर से 45 फीसदी से ज्यादा कमजोर हो चुके हैं, लेकिन इश्यू प्राइ पर 292 फीसदी के रिटर्न के साथ यह सभी आईपीओ में टॉप मल्टीबैगर बना हुआ है। इंडिगो पेंट्स, विंडलास बायोटेक, कृष्णा डायग्नोस्टिक्स और एंटनी वेस्ट हैंडलिंग सेल अपने हाई से 40 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं।

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33 स्टॉक्स अपने हाई से 20 फीसदी ज्यादा टूटे

डाटा से संकेत मिलते हैं कि 33 स्टॉक्स अपने उच्चतम स्तरों से 20 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं। इस लिस्ट में दूसरे और तीसरे सबसे बड़े मल्टीबैगर न्यूरेका और लक्ष्मी ऑर्गनिक इंडस्ट्रीज अपने हाई से 39 फीसदी और 37 फीसदी टूट चुके हैं। हालांकि, इश्यू प्राइस की तुलना में दोनों शेयर क्रमशः 253 फीसदी और 205 फीसदी मजबूत बने हुए हैं।

सिकाजी इंडस्ट्रीज और बारबिक्यू-नेशन हॉस्पिटैलिटी भी 35 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं, लेकिन इश्यू प्राइस की तुलना में दोनों 144 फीसदी ऊपर हैं।

ओमीक्रोन की चिंताएं और केंद्रीय बैंकों की सख्ती के अलावा, ऊंची वैल्युएशन या फंडामेंटल की तुलना में ऊंची कीमत के चलते न सिर्फ बाजार बल्कि स्टॉक्स में गिरावट बनी हुई है।

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रिस्की असेट्स हो रही हैं कमजोर

राइट रिसर्च की फाउंडर सोनम श्रीवास्तव ने कहा, “हमें यह समझने की जरूरत है कि आईपीओ में निवेश जोखिम भरा है और ज्यादातर कंपनियां ऊंची वैल्युएशन के साथ मार्केट में आ रही हैं। दुनिया भर में ओमीक्रोन और रेट्स में बढ़ोतरी के चलते बाजार से अनिश्चितता है। रिस्की असेट्स कमजोर हो रही हैं और आईपीओ भी ऐसी ही असेट क्लास है।”

व्यापक रूप से एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत फंडामेंटल और उचित वैल्युएशन वाली कंपनियों में आगे अच्छी तेजी देखने को मिलेगी, जबकि अन्य इश्यू प्राइस से नीचे ही बने रहेंगे।

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अच्छे स्टॉक करेंगे दमदार वापसी

सोनम श्रीवास्तव ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि वैल्युएशन और ग्रोथ के लिहाज से आकर्षक स्टॉक तेजी से वापसी करेंगे। पारस डिफेंस, जोमैटो, न्याका ऐसे कुछ स्टॉक हैं जिन्हें इनवेस्टर्स खरीदने पर विचार कर सकते हैं।”

दूसरी तरफ, अनुपम रसायन इंडिया, मेडप्लस हेल्थ सर्विसेज, कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस, आनंद राठी वैल्थ, ब्रुकफील्ड इंडिया रीट, मेट्रो ब्रांड्स, एमटीएआर टेक्नोलॉजिस, रेटगेन ट्रैवल टेक्नोलॉजिस, सीई इन्फोसिस्टम्स (मैपमाईइंडिया), क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी और रोलेक्स रिंग्स ने 2021 में लिस्ट हुए आईपीओ में अच्छा प्रदर्शन किया, जो अपने हाई से सिर्फ 1-10 फीसदी ही टूटे हैं। हालांकि मेट्रो ब्रांड्स और रेटगेन इश्यू प्राइस से ऊपर बने हुए हैं।

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