यह Debt fund करता है सबसे सुरक्षित बॉन्ड्स में निवेश, फिर भी देता है शानदार रिटर्न

पिछले तीन साल के दौरान, फंड ने सिर्फ बैंकों और पीएसयू द्वारा जारी सबसे अच्छी रेटिंग एएए के डेट इंस्ट्रुमेंट्स में ही किया है निवेश

Nippon India Banking and PSU Debt fund NBPDF : अच्छी क्रेडिट क्वालिटी और तुलनात्मक रूप से इंटरेस्ट रेट रिस्क से कम प्रभावित डेट स्कीम्स (debt schemes) की तलाश में रहने वाले इनवेस्टर्स के लिए बैंकिंग और पीएसयू डेट फंड अच्छा विकल्प हो सकती हैं। निप्पॉन इंडिया बैंकिंग एंड पीएसयू डेट फंड (एनबीपीडीएफ) ऐसी ही एक स्कीम है। ये लोअर मैच्योरिटी प्रोफाइल के साथ अपने पोर्टफोलियो को मैनेज करती हैं और इनके पेपर सबसे अच्छी क्वालिटी के होते हैं। एनबीपीडीएफ, एमसी30 का पार्ट है, जो सभी तरह के इनवेस्टर्स के लिए निवेश के लिहाज से अच्छी योजनाओं की एक क्यूरेटेड बास्केट है। मई, 2015 में लॉन्च, एनबीपीडीएफ अपने लॉन्च से अभी तक 8 फीसदी की कम्पाउंड एनुलाइज्ड ग्रोथ रेट दी है। इस स्कीम को संयुक्त रूप से प्रणय सिन्हा और विवेक शर्मा द्वारा मैनेज किया जाता है।

एसीईएमएफ से मिले डाटा के मुताबिक, फंड ने बीते एक साल में 3.7 फीसदी, 3 साल में 8.3 फीसदी (सालाना) और 5 साल में 7.3 फीसदी (सालाना) रिटर्न दिया है।

बीते एक साल में दिया सामान्य रिटर्न

बीते एक साल के दौरान डेट म्यूचुअल फंड्स (क्रेडिट रिस्क स्कीम्स को छोड़कर) ने आरबीआई के लिक्विडिटी को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के कारण मध्यम रिटर्न दिया है। लेकिन महंगाई बढ़ रही है और आगे संभावित रेट हाइक से जुड़ी चिंताएं बनी हुई हैं। फंड्सइंडिया के हेड (रिसर्च) अरुण कुमार कहते हैं, “वर्तमान में, हम ऐसे दौर में हैं जहां दुनिया भर में महंगाई का दबाव बना हुआ है। भारत में, इकोनॉमिक रिकवरी शुरू हो गई है। आरबीआई सभी इरमजेंसी मीजर्स वापस ले लेगा। व्यापक रूप से सहमति है कि इंटरेस्ट रेट्स इन स्तरों पर लंबे समय तक बनी नहीं रह सकतीं। बीते छह महीनों में, यील्ड्स बढ़नी शुरू हो गई हैं। अगले डेढ़ साल में हम एक ऐसा साइकल देखेंगे, जहां इंटरेस्ट रेट बढ़ती नजर आएंगी।” कुमार ने कहा, इस बदलाव के दौर में डेट फंड्स के लिए अच्छा रिटर्न देना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर आप वॉलेटिलिटी कम करना चाहते हैं तो ऐसे फंड्स में निवेश करना बेहतर है, जो कुछ कम अवधि के हों।” लोअर मैच्योरिटी के साथ, एनबीपीडीएफ इस डाउनसाइट को थाम सकेगा।

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इंटरेस्ट रेट में कमी के दौर में दिया अच्छा रिटर्न

एनबीपीडीएफ ने इंटरेस्ट रेट में गिरावट के सिनेरियो में अपनी पीयर्स की तुलना में अच्छा प्रदर्शन रहा है, लेकिन रेट्स में बढ़ोतरी के सिनेरियो में अपनी कैटेगरी में उसका प्रदर्शन कमजोर रहा है।

सेबी की म्यूचुअल फंड क्लासिफिकेशन गाइडलाइंस के तहत, बैंकिंग और पीएसयू डेट फंड्स को अपनी असेट्स का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा बैंकों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (पीएसयू) और पब्लिक फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (पीएफआई) द्वारा जारी इंस्ट्रुमेंट्स में निवेश करना चाहिए।

प्रणय सिन्हा कहते हैं, “एनबीपीडीएफ को इनवेस्टर्स को थोड़े कम रिस्क के साथ अच्छा रिस्क-रिवार्ड का अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है।”

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फंड ने सिर्फ अच्छी रेटिंग वाले इंस्ट्रुमेंट्स में किया निवेश

पिछले तीन साल के दौरान, फंड ने सिर्फ बैंकों और पीएसयू द्वारा जारी सबसे अच्छी रेटिंग एएए वाले डेट इंस्ट्रुमेंट्स में ही निवेश किया है। इससे उसके पोर्टफोलियो में क्रेडिट रिस्क खत्म हो जाता है। बैंकों, पीएसयू और पीएफआई द्वारा जारी डेट पेपर्स आम तौर पर अच्छी क्रेडिट क्वालिटी के होते हैं। इसने रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज हाउसिंग फाइनेंस जैसी मजबूत फाइनेंसियल्स वाली कंपनियों के निजी कॉरपोरेट बॉन्ड रखे थे। इसने किसी एटी1 बॉन्ड्स में निवेश नहीं किया है। यह ऐसे कुछ फंड्स में से एक है जो क्रेडिट के जोखिम से बचा रहा, जिसके चलते 2018-20 के दौरान एमएफ इंडस्ट्री प्रभावित रही थी।

उसके दिसंबर, 2021 तक के पोर्टफोलियो के मुताबिक, किसी एक कॉरपोरेट बॉन्ड में उसका सबसे ज्यादा निवेश 9 फीसदी था। वहीं सेबी 20 फीसदी तक निवेश की अनुमति देता है।

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