सर्वश्रेष्ठ 145 मुंशी प्रेमचंद की कहानी – Munshi Premchand Stories in Hindi

मुंशी प्रेमचंद की कहानी का सर्वश्रेष्ठ संकलन

Most Popular 145 Munshi Premchand Stories in Hindi

हिंदी और उर्दू के सर्वश्रेष्ठ लेखकों में शुमार “मुंशी प्रेमचंद” का मूल नाम धनपत राय था| प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में मानव जीवन की विभिन्न विधाओं का जीवंत चित्रण किया है, इसीलिए उन्हें “उपन्यास सम्राट” के नाम से भी जाना जाता रहा है| मातृभाषा हिंदी को आगे बढ़ाने में मुंशी प्रेमचंद का विशेष योगदान रहा है जो आने वाली पीढ़ी के लिए सदैव एक मिसाल पेश करता रहेगा|

यूँ तो मुंशी जी ने हिंदी की कई विधाओं में रचनायें लिखीं लेकिन इनकी कहानियों और उपन्यासों को जितनी प्रसिद्धि मिली उतनी दूसरी कृतियों को ना मिल पायी| इसीलिए मुंशी प्रेमचंद जी अपनी कहानियों और उपन्यासों के लिए ही प्रसिद्ध हैं|

मुंशी प्रेमचंद ना केवल एक प्रतिभावान लेखक थे बल्कि उनके लेखों में एक सचेत नागरिक और संवेंदनशीलता का भाव भी को मिलता है| अगर मुंशी जी को हिंदी गद्य का सर्वश्रेष्ठ लेखक कहा जाये तो इसमें कोई अतिश्योक्ति ना होगी| आज के दौर में अगर आपको सर्वश्रेष्ठ कहानियां पढ़नी हैं तो मुंशी प्रेमचंद की कहानियों का नाम सबसे ऊपर आता है|

मुंशी जी की कहानियां बच्चों को स्कूलों में भी पढाई जाती हैं और कहानियां इतनी मजेदार होती हैं कि सुनकर हमेशा के लिए याद रह जाती हैं जैसे – पूस की रात, पंच परमेश्वर, दो बैलों की कथा, ईदगाह आदि कई कहानियां हम सबने बचपन में किताबों में पढ़ी होंगी और आज भी वो कहानियां कंठस्थ याद हैं|

आइये यहाँ हम आपको मुंशी जी समस्त हिंदी कहानियां उपलब्ध करा रहे हैं| यहाँ हमने प्रेमचंद की सभी कहानियों की एक लिस्ट तैयार की है और जो कहानी आपको पसंद है आप उस पर क्लिक करके कहानी को पढ़ सकते हैं| तो आइये मुंशी जी की कहानियों पर थोड़ा प्रकाश डालते हैं –

1. नमक का दारोगा


2. दो बैलों की कथा


3. पूस की रात


4. पंच- परमेश्वर

5. एक आंच की कसर


6. नैराश्य लीला


7. उद्धार


8. विजय

9. कौशल


10. नरक का मार्ग


11. धिक्कार


12. वफ़ा का खंजर

13. माता का ह्रदय


14. निर्वासन


15. लैला


16. मुबारक बीमारी

17. नैराश्य


18. परीक्षा


19. नेउर


20. वासना की कड़ियॉँ

21. अपनी करनी


22. स्त्री और पुरुष


23. शूद्र


24. पुत्र-प्रेम

25. गैरत की कटार


26. स्वर्ग की देवी


27. एकता का सम्बन्ध पुष्ट होता है


28. इज्जत का खून

29. घमण्ड का पुतला


30. तेंतर


31. देवी


32. होली की छुट्टी

33. आधार


34. दण्ड


35. शिष्ट-जीवन के दृश्य


36. नादान दोस्त

37. अमृत


38. विश्वास


39. बड़े बाबू


40. प्रतिशोध

41. राष्ट्र का सेवक


42. खुदी


43. सैलानी बंदर


44. नब़ी का नीति-निर्वाह

45. आख़िरी तोहफ़ा


46. मन का प्राबल्य


47. अलग्योझा


48. मंदिर और मस्जिद

49. क़ातिल


50. विदुषी वृजरानी


51. ईदगाह


52. प्रेम-सूत्र

53. वरदान


54. माधवी


55. मॉँ


56. तांगेवाले की बड़

57. वैराग्य


58. काशी में आगमन


59. बेटों वाली विधवा


60. शादी की वजह

61. डिप्टी श्यामाचरण


62. प्रेम का स्वप्न


63. बडे भाई साहब


64. मोटेराम जी शास्त्री

65. सखियाँ


66. विदाई


67. शांति


68. पर्वत-यात्रा

69. निष्ठुरता और प्रेम


70. मतवाली योगिनी


71. नशा


72. कवच

73. नये पड़ोसियों से मेल-जोल


74. सभ्यता का रहस्य


75. स्‍वामिनी


76. दूसरी शादी

77. ईर्ष्या


78. समस्या


79. ठाकुर का कुआं


80. सौत

81. सुशीला की मृत्यु


82. दो सखियां


83. बुढ़ी काकी


84. देवी

85. विरजन की विदा


86. सोहाग का शव


87. झांकी


88. पैपुजी

89. कमलाचरण के मित्र


90. आत्म-संगीत


91. गुल्ली-डंडा


92. क्रिकेट मैच

93. कायापलट


94. एक्ट्रेस


95. ज्योति


96. कोई दुख न हो तो बकरी खरीद ला

97. भ्रम


98. ईश्वरीय न्याय


99. दिल की रानी


100. दुनिया का सबसे अनमोल रतन

101. कर्तव्य और प्रेम का संघर्ष


102. ममता


103. धिक्‍कार


104. शेख मखगूर

105. स्नेह पर कर्त्तव्य की विजय


106. मंत्र


107. बोहनी


108. शोक का पुरस्कार

109. कमला के नाम विरजन के पत्र


110. प्रायश्चित


111. बंद दरवाजा


112. सांसारिक प्रेम और देशप्रेम

113. प्रतापचन्द्र और कमलाचरण


114. कप्तान साहब


115. तिरसूल


116. विक्रमादित्य का तेगा

117. दु:ख-दशा


118. इस्तीफा


119. स्वांग


120. आखिरी मंजिल

121. आल्हा


122. नसीहतों का दफ्तर


123. राजहठ


124. त्रियाचरित्र

125. मिलाप


126. मनावन


127. अंधेर


128. सिर्फ एक आवाज

129. नेकी


130. बॉँका जमींदार


131. अनाथ लड़की


132. कर्मों का फल

133. जेल


134. पत्नी से पति


135. शराब की दूकान


136. जुलूस

137. मैकू


138. समर-यात्रा


139. शांति


140. बैक का दिवाला

141. आत्माराम


142. बड़ें घर की बेटी


143. दुर्गा का मन्दिर


144. शंखनाद

145. नाग पूजा


146. कफ़न

मुंशी प्रेमचंद की कहानियों के इस संग्रह की सबसे ख़ास बात ये है कि अब आप एक ही वेबसाइट पर समस्त कहानियां पढ़ सकेंगे| मुंशी जी की कहानियां समाज के हर वर्ग के व्यक्ति को पढ़नी चाहिए क्यूंकि इन कहानियों में मनोरंजन के साथ – साथ आपको सत्य का पाठ भी पढ़ाया जायेगा|

आगे हम मुंशी जी के उपन्यासों का भी एक संकलन तैयार करेंगे और जल्दी ही आपके सामने प्रस्तुत करेंगे| हिंदीसोच से जुड़े रहिये और इन कहानियों को केवल अपने तक ही सीमित ना रखें, बल्कि अपने व्हाट्सप्प और फेसबुक पर हमारी वेबसाइट का लिंक शेयर भी करें ताकि आपके मित्र और सगे सम्बन्धी भी हमारी वेबसाइट से जुड़ सकें| धन्यवाद!!

यह भी पढ़े:  समस्या का निवारण ही उससे दूर रहने का तरीका है
close