सानिया मिर्ज़ा की जीवनी | Sania Mirza Biography In Hindi

Sania Mirza in Hindi

जब भी टेनिस प्लेयर की बात होती है तो सानिया मिर्जा नाम सबसे पहले लिया जाता है, वे भारत की सबसे कामयाब महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा के दम पर कई मैडल जीते और भारत देश का नाम पूरी दुनिया में गौरान्वित किया है।

सानिया सिंगल और डबल टेनिस खेलने वाली बेस्ट प्लेयर हैं, उन्होंने कई चैम्पियनशिप अपने नाम की हैं और भारत की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रुप में खुद को नंबर 1 पर रखा है। सानिया मिर्जा का नाम 50 के अंदर की वर्ल्ड रैंकिंग में भी दर्ज किया गया है।

खेल जगत में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा पद्म श्री अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। वे न सिर्फ खेल जगत में काफी लोकप्रिय हैं, बल्कि ग्लैमर की दुनिया में भी काफी एक्टिव रहती हैं। वे कई टीवी शो में बतौर गेस्ट के रुप में शिरकत कर चुकी हैं। इसके साथ ही कई एडवरटाइजमेंट में भी काम कर चुकी हैं। उन पर हर भारतीय को गर्व है, तो आइए जानते हैं भारत की महिला स्टार खिलाड़ी सानिया मिर्जा जी के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें-

भारत की सर्वश्रेष्ठ टेनिस प्लेयर सानिया मिर्जा की जीवनी – Sania Mirza Information in Hindi

सानिया मिर्जा की जीवनी एक नजर में – Sania Mirza Biography in Hindi

नाम (Name) सानिया मिर्जा मलिक
जन्म (Birthday) 15नवंबर, 1986, मुंबई, महाराष्ट्र
पिता (Father Name) इमरान मिर्जा
माता (Mother Name) नसीमा मिर्जा
पति (Husband Name) शोएब मलिक, पाकिस्तानी क्रिकेटर
शिक्षा (Education) ग्रेजुएट
पुरस्कार (Awards) पद्म श्री

सानिया मिर्ज़ा जन्म, बचपन, परिवार, शिक्षा एवं प्रारंभिक जीवन – Sania Mirza Story

सानिया मिर्ज़ा / Sania Mirza 15 नवम्बर, साल 1986 को महाराष्ट्र के मुंबई में हुआ था। उनके पिता इमरान मिर्ज़ा पहले एक स्पोर्ट्स रिपोर्टर थे, फिर उन्होंने प्रिंटिंग का बिजनेस शुरु किया था, जबकि उनकी मां नसीमा प्रिंटिंग के बिजनेस में काम करती थीं।

सानिया के जन्म के कुछ समय बाद ही उनका परिवार हैदराबाद चला गया था, जहां सानिया और उनकी छोटी बहन अनम का पालन-पोषण हुआ। सानिया ने 6 साल की आयु से ही टेनिस खेलना शुरू कर दिया था। शुरु में टेनिस का प्रशिक्षण सानिया को अपने पिता से ही मिला था और बाद में सानिया को रॉजर एंडरसन ने प्रशिक्षित किया था। सानिया ने बाद में ”सिनेट” ‘टेनिस एकेडमी सिकंदराबाद और अमेरिका के एस टेनिस अकादमी  जैसे संस्थानों से टेनिस की ट्रेनिंग ली।

सानिया ने हैदराबाद की नसर स्कूल में जाना शुरू किया और बाद में वह सेंट मैरी कॉलेज से ग्रेजुएट हुई। 11 दिसम्बर 2008 को सानिया ने MGR एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, चेन्नई से अपनी डॉक्टरी की उपाधि प्राप्त की। सानिया एक बेहतर टेनिस खिलाडी होने के साथ-साथ एक कुशल स्वीमर (तैराक) भी हैं।

सानिया मिर्ज़ा का विवाह एवं व्यक्तिगत जीवन – Shoaib Malik And Sania Mirza Love Story

12 अप्रैल 2010 को सानिया ने पारंपरिक मुस्लिम रीती-रिवाजो से हैदराबाद के ताज कृष्णा होटल में पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से विवाह कर लिया। जिसमें उन्हें पाकिस्तानी वैवाहिक रिवाजो के अनुसार शोएब के परिवार को 6.1 मिलियन रुपये देने पड़े थे। बाद में उनकी वलीमा सेरेमनी पाकिस्तान के लाहौर में हुई थी।

हालांकि शोएब के पाकिस्तानी नागरिक होने के चलते इस शादी को लेकर सानिया मिर्जा को लोगों की काफी आलोचना भी सहनी पड़ी थी। शादी के बाद साल 2018 में उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम इजहान मिर्जा मलिक रखा है।

गूगल के अनुसार, जिस समय उनकी शादी हुई थी उस समय सानिया सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली महिला टेनिस खिलाडी बनी थी और साथ ही 2010 को बेस्ट भारतीय महिला खिलाडी भी रही।

सानिया मिर्जा का करियर और सफलता – Sania Mirza Career

सानिया मिर्जा भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की सर्वोत्तम टेनिस खिलाडि़यों में से एक मानी जाती हैं, वे कई सालों तक भारत की नंबर 1 टेनिस प्लेयर रह चुकी हैं। उनका टेनिस प्लेयर के रुप में सफर बेहद शानदार रहा। उनकी अद्भुत खेल प्रतिभा के चलते उन्हें कई पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। तो आइए जानते हैं भारत की इस महान महिला टेनिस खिलाड़ी के बारे में-

  • सानिया मिर्जा की दिलचस्पी शुरु से ही टेनिस की तरफ थी, इसलिए उन्होंने महज 6 साल की उम्र से ही टेनिस की ट्रेनिंग लेनी शुरु कर दी थी, शुरुआत में सानिया के पिता ने ही उन्हें टेनिस खेलना सिखाया था।
  • उनके पिता शुरु से ही सानिया की टेनिस खेलने की प्रतिभा को पहचान गए थे, इसलिए इसे निखारने के लिए उन्होंने देश-विदेश के अच्छे खेल संस्थानों से उन्हें टेनिस की ट्रेनिंग दिलवाई। आपको बता दें कि टेनिस के महान प्लेयर रह चुके महेश भूपति जी ने भी सानिया को टेनिस खेलने की ट्रेनिंग दी हैं और जरूरी टेक्टिक्स बताई हैं, उनकी बताई गई बातों को अमल कर ही सानिया आज इस मुकाम तक पहुंच सकती है।
  • सानिया ने साल 1999 में अपने करियर का पहला इंटरनेशनल टूर्नामेंट जकार्ता में खेला और विश्व जूनियर चैम्पियनशिप में शानदार तरीके से भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • साल 2003 में भी सानिया ने अपना अद्भुत खेल प्रदर्शन किया और विंबलडन चैम्पियनशिप गर्ल्स डबल्स का खिताब अपने नाम किया और इसी साल उन्हें यूएस ओपन गर्ल्स डबल्स के सेमीफाइनल में शामिल होने का मौका मिला।
  • साल 2003 में ही सानिया ने एफ्रो-एशियाई खेलों में चार गोल्ड मैडल जीतकर भारत का परचम पूरी दुनिया में फहराया।
  • इसके बाद लगातर सानिया की मेहनत रंग लाती रही और अपने आसाधारण टेनिस खेलने की प्रतिभा के चलते उन्होंने साल 2004 में 6 आईटीएफ एकल खिताब जीतकर भारत का सिर गर्व से ऊंचा किया।
  • साल 2005 में भी सानिया का बेहतरीन खेल प्रदर्शन जारी रहा, उन्होंने ऑस्ट्रेयाई ओपन के पहले राउंड में पेट्रो मंडूला और दूसरे राउंड में प्रसिद्द टेनिस प्लेयर सिंडी वाटसन को हराकर सफलता हासिल की।
  • बेहतरीन खेल प्रदर्शन से बेस्ट टेनिस प्लेयर की ख्याति प्राप्त कर चुकी सानिया ने साल 2005 में टेनिस ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के तीसरे और चौथे राउंड में पहुंच कर टेनिस की दुनिया में इतिहास रच दिया।
  • साल 2006 में सानिया मिर्जा ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में युगल खिताब अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद उन्हें दुबई टेनिस चैम्पियनशिप में हार का सामना करना पड़ा।
  • इसके बाद सानिया मिर्जा ने एशियाई खेलों में भी अपनी जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा और मिश्रित युगल में गोल्ड पदक एवं महिला एकल टीम में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
  • साल 2007, सानिया मिर्जा के करियर का सबसे सुनहरा साल रहा, इस दौरान सानिया ने बेहतरीन खेल प्रदर्शनों के चलते एकल रैंकिंग में वर्ल्ड के 27वें नंबर पर अपना नाम दर्ज करवाया। इसके साथ ही उन्होंने इसी साल 4 युगल खिताब जीतकर देश का सिर एक बार फिर फक्र से ऊंचा किया।
  • इसके बाद उन्होंने एशियाई खेलों में कास्य पदक जीता एवं रुसी प्लेयर एलिसा क्लेबनोवा के साथ युगल जूनियर टूर्नामेंट में ग्रेंड स्लैम का खिताब जीतकर फिर से अपनी खेल प्रतिभा को साबित किया।
  • साल 2008 सानिया मिर्जा के लिए निराशाजनक रहा,दरअसल इस दौरान चोट लग जाने की वजह से वे फ्रेंच ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन टूनार्मेंट में हिस्सा नहीं ले सकीं थीं।
  • साल 2009 में सानिया ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में महेश भूपति के साथ मिक्स़ड डबल में पहला ग्रैंड स्लम जीतकर शानदार वापसी की।
  • साल 2011 उनके लिए ज्यादा खास नहीं रहा, वे एकल प्रतियोगिता में पहले ही राउंड में बाहर हो गईं, जबकि इसी साल आयोजित युगल स्पर्धा में उन्होंने एलिना वेसनिना के साथ फ्रेंच ओपन में फाइनल में अपनी जगह बनाईं।
  • साल 2013 में सानिया ने अपने साथी मैटेक-सैंड्स के साथ दुबई ड्यूटी फ्री टेनिस चैम्पियनशिप जीती हालांकि इस बार वे ग्रैंड स्लैम नहीं जीत सकी। हांलाकि बाद में सानिया ने अपने दूसरे साथी कारा ब्लैक के साथ खेलना शुरु किया और फिर इस जोड़ी ने स्पर्धा में अपनी जगह बनाईं।
  • साल 2014 में यूएस ओपन के सेमीफाइनल में सानिया और कारा की जोड़ी ने मिश्रित युगल खिताब अपने नाम किया। इसी साल सानिया ने इंटरनेशनल प्रीमियर टेनिस लीग में भी जीत हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व में मनवाया।
  • साल 2015 में सानिया मिर्जा ने मियामी ओपन में जीत दर्ज और और इसी साल सानिया ने महिला युगल प्रतियोगिता में भी पहले ग्रेंड स्लैम में अपना नाम दर्ज करवाया।
  • साल 2017 में सानिया मिर्जा को हार का सामना करना पड़ा और साल 2018 में चोट लगने की वजह से वे ऑस्ट्रेलियाई ओपन में शामिल नहीं हो सकीं।
  • इसके आलावा इन्हें विभिन्न खेलों में 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 ब्रोंज मेडल्स प्राप्त हुए है ये क्रमशः 2002, 2006, 2010 और 2014 में प्राप्त हुए है। इसके आलावा इन्होंने 2010 के कॉमन वेल्थ गेम में सिल्वर मैडल महिला सिंगल में और ब्रोंज मैडल महिला डबल्स में प्राप्त किए।

सानिया मिर्जा से जुड़े कुछ चर्चित विवाद – Sania Mirza Controversy

सानिया मिर्जा ने जब 12 अप्रैल 2010 में पाकिस्तान के क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी की थी, उस दौरान उन्हें भारतीयों की काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही उनहें भारत की नागरिकता के सवाल पर भी काफी विवाद छिड़ गया था। उन्हें तेलंगाना के राज्यसभा में ही पाकिस्तानी बहु करार कर दिया था, जिसके चलते वे काफी दिनों तक मीडिया में सुर्खियों में बनी रही थीं।

सानिया मिर्जा की अपने बचपन के दोस्त सोहराब से सगाई टूटने को लेकर भी काफी सुर्खियों में बनी रही थीं।

साल 2008 में आयोजित एक समारोह के दौरान सानिया मिर्जा ने तिरंगा पर पैर रख दिया था, जिसकी वजह से न सिर्फ उन्हें लोगों की तीखी टिप्पणियां सुननी पड़ी, बल्कि उनके खिलाफ चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के द्वारा सेक्शन 2 के तहत केस भी दर्ज किया गया।

सानिया मिर्जा उस दौरान भी काफी सुर्खियों में रहीं जब सफेद राशन कार्ड पर उनकी फोटग्राफ लगी हुई थी। आपको बता दें कि यह कार्ड गरीबी रेखा के नीचे वाले लोगों को दिया जाता है।

सानिया मिर्जा को शॉर्ट स्कर्ट पहनने को लेकर भी कुछ रुढिवादी मुस्लिम समाज की तीखी टिप्पणयां सहन करनी पड़ी थीं।

सानिया मिर्ज़ा के पुरस्कार – Sania Mirza Awards:

सानिया मिर्जा को दिए गए प्रमुख पुरस्कार इस प्रकार हैं-

  • अर्जुन पुरस्कार (2004)
  • Wta New Comer Of The Year (2005)
  • पद्म श्री (2006)
  • राजीव गाँधी खेल रत्न (2015)
  • 2014 में, तेलंगाना सरकार ने सानिया मिर्ज़ा को अपने राज्य के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में नियुक्त किया था।
  • साल 2016 में सानिया मिर्जा को टाइम मैग्जीन ने दुनिया पर अपनी अनोखी छाप छोड़ने वाले 100 मोस्ट इंस्पिरेशनल लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
  • साल 2016 में सानिया को भारत के तीसरे सबसे बड़े सम्मान पद्म भूषण से नवाजा गया था।
  • साल 2016 में सानिया को ”एनआरआई ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

निश्चित ही आज सानिया मिर्ज़ा दूसरी लड़कियों के लिए प्रेरणा का विषय बनी हुई है। देश को उनकी सफलता पर हमेशा गर्व होगा।

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