साल 2022 में भी जारी रहेगा IPO का धमाल, LIC तोड़ेगी सबका रिकॉर्ड

करीब 32 कंपनियों को IPO के जरिए 47,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए SEBI पहले ही मंजूरी दे चुका है

प्राइमरी मार्केट या IPO के लिए साल 2021 काफी शानदार रहा। विभिन्न कंपनियों ने इस साल IPO के जरिए रिकॉर्ड 1.18 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। जानकारों का मानना है कि IPO मार्केट में आई तेजी अगले साल यानी 2022 में भी जारी रह सकती है और इस दौरान सबकी निगाहें भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के IPO पर टिकी रहेंगी।

2022 में IPO के लिए अभी से एक लंबी लाइन है। पिछले कुछ महीनों में करीब 15 कंपनियों ने अपना IPO लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कराए हैं। ये सभी कंपनियां 2022 की पहली तिमाही में अपना IPO लाने की योजना बना रही हैं। निवेशक भी इसके लिए कमर कस रहे हैं। इसके अलावा LIC के प्रस्तावित IPO के भी 2022 की पहली छमाही में आने की उम्मीद है, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।

हालांकि महंगाई में बढ़ोतरी, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों में बढ़ोतरी जैसी कुछ चिंताएं भी है, जो साल 2022 में आईपीओ के साथ-साथ शेयर बाजार के प्रदर्शन पर अपना असर डाल सकती हैं।

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रिटेल निवेशकों का आकर्षित कर रहा है लिस्टिंग गेन

EY में इमर्जिंग मार्केट्स, टेक्नोलॉजी मीडिया और टेलीकम्युनिकेंशस (TMC) के लीडर, प्रशांत सिंघल ने बताया कि कम ब्याज दरें और अधिक लिस्टिंग गेन के चलते रिटेल निवेशक और हाई-नेटवर्थ इंडीविजुअल को अधिक से अधिक संख्या में शेयर बाजार की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगले साल हम पहली पीढ़ी के आंत्रप्रेन्योर द्वारा संचाचित कुछ और कंपनियों को IPO मार्केट में उतरते हुए देख सकते हैं। इनमें से अधिकतर कंपनियों में कई दिग्गज निवेशकों ने भी निवेश कर रखा है।”

सिंघल ने कहा, “हालांकि दिग्गज निवेशकों के अलावा शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। खासतौर से कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से। पिछले दो सालों में भारी संख्या में लोगों ने डीमैट खाते खुलवाएं है और अब वे भारतीय शेयर बाजार में जारी बुल रैली पर सवारी के लिए तैयार है। इन सब वजहों के चलते शेयर बाजार में आकर्षण बना हुआ है। ग्लोबल बाजारों की तरह, निवेशक यहां भी आकर्षक बिजनेस मॉडल, अच्छे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और मैनेजमेंट टीम वाली कंपनियों में निवेश करने के इच्छुक हैं।”

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32 कंपनियों को सेबी से मिली चुकी हैं मंजूरी

प्राइम डेटाबेस ग्रुप (Prime Database Group) के मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रणव हल्दिया का भी यही मानना है कि नए साल में आईपीओ मार्केट में हलचल और बढ़ेगा।

उन्होंने बताया, “SEBI पहले ही करीब 32 कंपनियों को मंजूरी दे चुका है, जो अपने IPO से करीब 47,000 करोड़ जुटाने की कोशिश करेंगी। साथ ही 33 और कंपनियों ने कुल 60,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी SEBI के पास आवेदन दिया है। इसके अलावा अगले साल जिन दो आईपीओ पर सबसे ज्यादा लोगों की निगाहें होंगी, वह LIC और NSE हैं।”

LIC, 2022 की पहली छमाही में अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की योजना बना रही है, जो देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO हो सकता।

63 कंपनियों ने 1.18 लाख करोड़ जुटाए

प्राइम डेटाबेस के मुताबिक, भारतीय कंपनियों ने साल 2021 में अब तक आईपीओ से करीब 1.18 लाख करोड़ जुटाए हैं। जबकि साल 2021 में आईपीओ के जरिए सिर्फ 26,612.61 करोड़ रुपये और साल 2019 में 12,361.55 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। यह बताता है कि आईपीओ के लिहाज से साल 2021 कितना बढ़िया गुजरा है। 2021 में कुल 63 कंपनियों ने अपना आईपीओ लाया, जबकि साल 2020 और साल 2019 में यह संख्या क्रमश: 15 और 16 थी।

जानकारों के मुताबिक, कोरोना महामारी की दूसरी लहर और आर्थिक सुधार में देरी के बावजूद, निवेशकों ने इक्विटी में पैसा लगाना जारी रखा। इसके चलते इक्विटी इस साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला एसेट क्लास बन गया और इसका फायदा आईपीओ को भी हुआ।

इमर्जिंग मार्केट्स में भारत का प्रदर्शन सबसे अच्छा

भारतीय शेयर बाजारों ने किसी भी इमर्जिंग मार्केट्स की तुलना में सबसे अधिक रिटर्न दिया है। 2021 में MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में 5 पर्सेंट की गिरावट रही। जबकि इसी दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 20 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखी गई। अगर MSCI वर्ल्ड इंडेक्स की बात करें, तो उसमें इस अभी तक 19% की तेजी देखी गई है।

Paytm इस साल का सबसे बड़ा इश्यू

2021 के कुछ सबसे इश्यू की बात करें, तो इसमें सबसे पहला नाम Paytm की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन का नाम है। वन97 कम्युनिकेशन के IPO का साइज 18,300 करोड़ रुपये था, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। उम्मीद की जा रही है साल 2022 में LIC इस रिकॉर्ड को तोड़गी।

Paytm के बाद इस साल के सबसे बड़े IPO में स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस ( 6,018 करोड़ रुपये), पॉलिसीबाजार (5,625 करोड़ रुपये), सोना कॉमस्टार ( 5,550 करोड़ रुपये), Nykaa की पैरेंट कंपनी FSN कॉमर्स वेंचर्स (5,350 करोड़ रुपये) और भारतीय रेलवे वित्त निगम (4,633.38 करोड़ रुपये) का नाम शामिल रहा। 2021 में IPO में नुरेका लिमिटेड को सबसे अधिक रिटेल सब्सक्रिप्शन (140.53 गुना) और पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को सबसे HNI कैटगेरी में सबसे अधिक सब्सक्रिपिशन (954.88 गुना) मिला है।

टेक्वनोलॉजी कंपनियां का रह सकता है बोलबाला

EY के सिंघल ने कहा, “टेक्नोलॉजी आधारित सॉल्यूशंस पर फोकस करने वाली कंपनियों की भारत में तेज ग्रोत देखी जा रही है और अब तक करीब 100 कंपनियां यूनिकॉर्न बन चुकी है और कई बनने की रास्ते में है। हमें उम्मीद है कि अगले 6 से 12 महीनों में इनमें से कई कंपनियां अपना आईपीओ ला सकती है।”

उन्होंने कहा, “अगर बाजार की मौजूदा गति बनी रहती है और केंद्र सरकार द्वारा नीतिगत सुधार जारी रहते हैं, तो हमें विश्वास है कि IPO मार्केट में आई तेजी का अनुभव हम इस साल भी करना जारी रखेंगे।”

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