सौभाग्यदात्री धूमावती कवचम्


 

 
मां धूमावती कवचम् 
 
धूमावती मुखं पातु धूं धूं स्वाहास्वरूपिणी।
ललाटे विजया पातु मालिनी नित्यसुन्दरी।।1।।
 
कल्याणी हृदयपातु हसरीं नाभि देशके।
सर्वांग पातु देवेशी निष्कला भगमालिना।।2।।
 
सुपुण्यं कवचं दिव्यं य: पठेदभक्ति संयुत:।
सौभाग्यमतुलं प्राप्य जाते देविपुरं ययौ।।3।।
 
।।श्री सौभाग्यधूमावतीकल्पोक्त धूमावतीकवचम्।।
 

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