2 और IPO: स्टरलाइट पावर और ESDS सॉफ्टवेयर के IPO को सेबी से मिली मंजूरी, जानिए डिटेल

SEBI ने दो और कंपनियों को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी दी है

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने दो और कंपनियों को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की मंजूरी दी है। इसमें एक कंपनी अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड (Sterlite Power Transmission Ltd) है, जबकि दूसरी कंपनी ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस लिमिटेड (ESDS Software Solution) है।

स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन ने इसी साल अगस्त में IPO के जरिए करीब 1,250 करोड़ रुपये जुटाने के लिए सेबी से मंजूरी मांगी थी। आईपीओ के जरिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी की एक सब्सिडियरी Khargone Transmission Ltd (KTL) पर लदे कर्ज को कम करने में किया जाएगा। मार्च 2021 तक के आंकड़ों के मुताबिक, KTL पर करीब 7323.99 करोड़ रुपये का कर्ज है।

स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन ने IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज और JM फाइनेंशियल को लीड मैनेजर के तौर पर नियुक्त किया है। स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन, प्राइवेट सेक्टर की एक प्रमुख पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर और सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी। कंपनी की भारत और ब्राजील दोनों देशों में उपस्थित है। कंपनी अपने दो बिजनेस यूनिटों की सहायता से इंटीग्रेटेड पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर ओर सॉल्यूशन सेवाएं उपलब्ध करवाती है। कंपनी की ग्लोबल इंफ्रा बिजनेस यूनिट पावर ट्रांसमिशन असेट्स की डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन के कारोबार में हैं।

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वहीं ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस लिमिटेड, नासिक मुख्यालय वाली एक क्लाउड सर्विस और डेटा सेंटर फर्म है। ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के IPO का कुल साइज करीब 1,200 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसमें 322 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि प्रमोटरों व शेयरहोल्डरों की तरफ से 2.153 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत बिक्री के लिए पेश किया जाएगा।

ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के तहत ESDS Partners LLC करीब 42.3 लाख शेयरों और South Asia Growth Fund II LP अपने हिस्से के करीब 1.68 करोड़ शेयरों को बेचगी। फिलहाल, SDS Partners LLC के पास कंपनी की 4.21% हिस्सेदारी है जबकि South Asia Growth Fund II LP के पास 3.67% हिस्सेदारी है।

IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी के डेटा सेंटरों के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट खरीदने में किया जाएगा। फर्म ने क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंटकी खरीद के लिए 155 करोड़ रुपये की कुल लागत आने का अनुमान लगाया है। बाकी की रकम का इस्तेमाल लंबी अवधि की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।

सेबी की वेबसाइट पर सोमवार को डाली गई सूचना के मुताबिक, मार्केट रेगुलेटर से स्टरलाइट पावर को दो दिसंबर जबकि ESDS को तीन दिसंबर को कंक्लूजन पेपर मिला। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के लिए आईपीओ लाने का रास्ता साफ हो गया है।

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