Budget 2022 Expectation: नौकरीपेशा की डिमांड, बजट में NPS की एक्स्ट्रा लिमिट को 50000 से बढ़ाकर किया जाए 1 लाख

नौकरीपेशा NPS की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग कर रहे हैं

Budget 2022 Expectation: 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बजट पेश करना है। बजट को लेकर अपनी उम्मीदें आम टैक्सपेयर्स से लेकर कारोबार सभी भेज रहे हैं। नौकरीपेशा भी कोरोनाकाल में वित्तमंत्री से राहत की उम्मीद कर रहे हैं। नौकरीपेशा NPS की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की मांग कर रहे हैं।

मौजूदा टैकस सिस्टम में 80 सीसीडी (1 बी) के तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती की अनुमति है, जो कि धारा 80 सी के तहत स्वीकृत 1.5 लाख रुपये की कटौती से अधिक है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने से टैक्सपेयर्स को इस योजना में निवेश करने के लिए और प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सब्सक्राइबर्स को एक अच्छा रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद मिलेगी।

एक्सपर्ट के मुताबिक भारत में एक सामाजिक सुरक्षा मॉड्यूल नहीं है, ऐसे में नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने आखिरी सालों में एक बड़ा रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकें। भले ही एनपीएस मदद करता है, लेकिन यह धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत कर प्रोत्साहन के तहत मौजूदा नियमों के साथ ज्यादा राहत प्रदान नहीं करता है जो कि काफी सीमित है। यह स्पष्ट  है कि बड़ा फंड बनाने के लिए 50 हजार रुपये सालाना का फंड काफी नहीं है। इसे बढ़ाए जाने की जरूरच है। इस बार बजटा 2022-23 में इसे बढ़ाया जाना चाहिए।

टैक्स फ्री हो NPS से पैसे निकालना

बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (BCCI) ने भी सुझाव दिया कि एनपीएस से पैसे निकाले को टैक्स फ्री किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2012 में राष्ट्रीय पेंशन योजना शुरू की लेकिन यह तब भी इतनी लोकप्रिय नहीं है (विशेषकर युवा पीढ़ी के बीच), क्योंकि इसकी निकासी पूरी तरह से टैक्स छूट नहीं है। इसके अलावा भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली इतनी मजबूत नहीं है कि यह व्यक्तियों की रिटायरमेंट के बाद देखभाल करेगी।

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