Go Airlines की IPO की योजना टली, Corona की तीसरी लहर को देखते हुए कंपनी का फैसला

नुस्ली वाडिया ग्रुप की कंपनी ओमीक्रोन वैरिएंट के चलते महामारी की स्थिति का आकलन कर रही है और आईपीओ के बारे में बैंकर्स के साथ चर्चा कर रही है

Go Airlines : नुस्ली वाडिया ग्रुप (Nusli Wadia Group) ने कोविड-19 की तीसरी वेव और इसके ट्रैवल बिजनेस पर असर को देखते हुए अपनी बजट एयरलाइन गो एयरलाइंस का 3,600 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना अस्थायी रूप से टाल दिया है। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप से जुड़े अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

महामारी का आकलन कर रही है कंपनी

उन्होंने कहा कि कंपनी ओमीक्रोन वैरिएंट के चलते महामारी की स्थिति का आकलन कर रही है और आईपीओ के बारे में बैंकर्स के साथ चर्चा कर रही है। इस डेवलपमेंट से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “बैंकर्स से इंतजार करने के लिए कह दिया गया है।”

सूत्रों ने कहा कि टॉप इनवेस्टर्स एविएशन सेक्टर में इनवेस्टमेंट की प्रतिबद्धता जताने से पहले ओमीक्रोन के फैलने का कंज्यूमर्स की हेल्थ और ट्रैवल प्लान्स पर असर देख रहे हैं।

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3,600 करोड़ के आईपीओ की है योजना

गो एयरलाइंस (इंडिया) ने बीते साल मई में आईपीओ के लिए आवेदन किया था और अगस्त में उसे मार्केट रेग्युलेटर सेबी से मंजूरी मिल गई थी। 3,600 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू के अलावा, कंपनी प्री-आईपीओ प्लेसमेंट के जरिए अतिरिक्त 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही थी।

एक्सपर्ट्स को उम्मीद, जल्द आएगा आईपीओ

हालांकि, सूत्रों ने कहा कि कुछ समय के लिए फंडरेजिंग की सभी योजनाएं स्थगित कर दी गई हैं और ग्रुप द्वारा ऑपरेशनल खर्चों के लिए कैपिटल की जरूरत के आधार पर अतिरिक्त कैपिटल लगाए जाने का अनुमान है। इस संबंध में वाडिया ग्रुप से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि गो एयरलाइंस का आईपीओ की लॉन्चिंग में ज्यादा देरी नहीं होगा, क्योंकि ओमीक्रोन कोरोना का हल्का वैरिएंट है और इसके ज्यादा समय तक रहने की संभावना कम है।

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एविएशन सेक्टर पर बुलिश है मार्केट

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक फंड मैनेजर ने कहा, “भले ही वायरस घातक है, लेकिन इसका जानलेवा असर कम दिख रहा है। इसलिए, उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में तीसरी लहर अपने पीक पर पहुंच सकती है और उसके बाद यह खत्म हो जाएगी।” उन्होंने कहा, “राज्य सरकारों द्वारा ट्रैवल और सेफ्टी प्रोटोकॉल से जुड़े नियम लागू करने से योजनाएं टल रही हैं। लेकिन हर किसी को उम्मीद है कि बिजनेस पर ज्यादा समय तक असर नहीं होगा। एविएशन सेक्टर मीडियम से लॉन्ग टर्म के लिए बुलिश है।”

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