Go Fashion IPO: जानें सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले क्या कहता है GMP, इश्यू को सब्सक्राइब करें या नहीं

Go Fashion के शेयर आज ग्रे मार्केट में 530 रुपए के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं

Go Fashion IPO 17 नवंबर 2021 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और यह 22 नवंबर 2021 तक बोली लगाने के लिए खुला रहेगा। इसलिए, जो लोग 1,013.61 करोड़ रुपए के इस पब्लिक इश्यू के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे कंपनी की वित्तीय स्थिति से जुड़ी डिटेल्स का पता लगाने के लिए उसकी बैलेंस शीट को स्कैन करने में लगे हैं। ऐसे संभावित बिडर्स के लिए एक अच्छी खबर है। mint के मुताबिक, मार्केट ऑब्जर्वर्स के अनुसार, Go Fashion के शेयर आज ग्रे मार्केट में 530 रुपए के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो कि कल के प्रीमियम से 100 रुपए ज्यादा है।

Go Fashion IPO GMP

जैसा कि ऊपर बताया गया है, Go Fashio IPO GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) आज 530 रुपए है, जो कल के GMP 430 रुपए से 100 रुपए ज्यादा है। मार्केट ऑब्जर्वर्स का मानना ​​है कि गो फैशन के आईपीओ ग्रे मार्केट प्रीमियम में इस तरह की बढ़ोतरी का श्रेय बाजार की धारणा में बदलाव को दिया जा सकता है।

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उन्होंने कहा कि Go Fashion आईपीओ के बढ़ते ग्रे मार्केट वैल्यू से बिडर्स से मजबूत प्रतिक्रिया मिल सकती है, क्योंकि कुछ IPO बिडर्स ग्रे मार्केट नंबर को काफी गंभीरता से लेते हैं।

इस GMP का क्या मतलब है?

मार्केट ऑब्जर्वर्स ने आगे कहा कि GMP पब्लिक इश्यू से लिस्टिंग गेन का अनुमानित प्रोफिट को दिखाता है। इसे ऐसे समझें, जैसा कि आज गो फैशन का IPO GMP 530 रुपए है, इसका सीधा सा मतलब है कि ग्रे मार्केट को उम्मीद है कि गो फैशन के शेयर लगभग 1220 रुपए (690 रुपए + 530 रुपए) पर लिस्टेड होंगे, जो इसके प्राइस बैंड 655 – 690 रुपए प्रति से इक्विटी शेयर से लगभग 75 प्रतिशत ज्यादा है।

Go Fashion IPO को सब्सक्राइब करें या नहीं?

बिडर्स को ग्रे मार्केट प्रीमियम के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति देखने की सलाह दी जाती है। Mint की रिपोर्ट में प्रॉफिटमार्ट सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड अविनाश गोरक्षकर ने कहा, “ग्रे मार्केट प्रीमियम लिस्टिंग गेन की गारंटी नहीं है। इसलिए, हर किसी को कंपनी की वित्तीय स्थिति को देखना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “इस पब्लिक इश्यू में ज्यादातर ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें 1013.61 करोड़ रुपए में से, केवल 125 करोड़ रुपए ही फ्रेश इश्यू से आएंगे और इश्यू की वैल्यूएशन भी ज्यादा है। टेक्सटाइल सेक्टर में हालिया चर्चा के कारण इस इश्यू में कुछ तेजी की उम्मीद की जा सकती है। इसलिए, बिडर्स को सलाह दी जाती है कि वे GMP पर निर्भर होने के बजाय कंपनी की बैलेंस शीट को बहुत बारीकी से देखें।”

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