GST अधिकारियों ने मुंबई जोन में ₹22 करोड़ के नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट रैकेट का किया भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

जीएसटी की धोखाधड़ी के मामले में मुंबई क्षेत्र से दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया

वस्तु और सेवा कर अधिकारियों (Goods and Services Tax officials) ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का काम करने वाली फर्मों के एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है और महाराष्ट्र (Maharashtra) में दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। वित्त मंत्रालय (finance ministry) ने एक बयान में कहा कि कर धोखाधड़ी की जांच को और तेज किया जायेगा।

मुंबई क्षेत्र में जीएसटी (GST) अधिकारियों ने दो फर्मों के मालिकों को गिरफ्तार किया जो फेरस कचरे और स्क्रैप का व्यापार करते हैं। मंत्रालय ने कहा कि फर्में कथित तौर पर सीजीएसटी अधिनियम 2017 (CGST Act 2017) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए धोखाधड़ी से वस्तु या सेवाओं को प्राप्त किए बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रही थीं।

मंत्रालय ने कहा कि ये दोनों फर्म फर्जी संस्थाओं से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट ले रही थीं और इस नेटवर्क की अन्य संस्थाओं को दे रही थीं। गिरफ्तार लोगों को एक पखवाड़े की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने इस मामले में 22 करोड़ रुपये की टैक्स क्रेडिट संबंधी गड़बड़ियों का पता लगाया है।

बाजार की तेजी में इन दो स्टॉक्स में और दिख सकती है अपसाइड, डीलिंग रूम्स में मिली खरीदारी की राय

मंत्रालय ने एक बयान में कहा “यह ऑपरेशन नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए सीजीएसटी मुंबई क्षेत्र द्वारा बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई एक हिस्सा है। इससे ईमानदार करदाताओं के साथ बेवजह प्रतिस्पर्धा पैदा होती है और टैक्स खजाने को नुकसान होता है। इतना ही नहीं विभाग आने वाले दिनों में धोखेबाजों और कर चोरों के खिलाफ अभियान और तेज करने जा रहा है।”

मिंट की खबर के मुताबिक अधिकारी कर चोरी पकड़ने के लिए ई-वे बिल पर डेटा, माल शिपमेंट के बारे में टोल बूथों पर मिली जानकारी और दावों में मिसमैच की पहचान करने के लिए टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी का उपयोग कर रहे हैं। इससे कर चोरी के संभावित मामलों को कम करने में मदद मिलती है।

 

यह भी पढ़े:  Business Idea: मामूली निवेश के साथ शुरू करें यह बिजनेस, हर महीने होगी 4 लाख रुपये की कमाई, जानिए कैसे करें शुरू
close