ITR filing : आम टैक्सपेयर्स के लिए फिर बढ़ सकती है डेडलाइन, जानिए एक्सपर्ट्स बता रहे हैं क्या वजह

बीते साल यानी वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कम ही संख्या में टैक्सपेयर्स ने आईटीआर फाइल किया है

Income Tax return (ITR) : इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइलिंग की लास्ट डेट 31 दिसंबर, 2021 है। यह डेडलाइन पहले भी दो बार बढ़ चुकी है। पहले 31 जुलाई की सामान्य डेडलाइन को बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 किया गया और फिर इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2021 किया गया था। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चार्टर्ड अकाउंटैंट्स और टैक्स एक्सपर्ट्स को लगता है कि इंडिविजुअल्स यानी आम टैक्सपेयर्स (जिनके खातों के लिए ऑडिट की जरूरत नहीं होती है) के लिए आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन फिर से बढ़ सकती है। हम यहां इसकी वजह बता रहे हैं।

पिछले साल से कम टैक्सपेयर्स ने भरा है आईटीआर

बीते साल यानी वित्त वर्ष 2019-20 की तुलना में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कम ही संख्या में टैक्सपेयर्स ने आईटीआर फाइल किया है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के आफीशियल ट्विटर हैंडिल के एक ट्वीट के मुताबिक, 11 जनवरी, 2021 तक वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 5.95 करोड़ आईटीआर फाइल हुए थे (वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आईटीआर फाइल करने की लास्ट डेट 10 जनवरी, 2021 थी)। हालांकि, 15 दिसंबर, 2021 तक के डाटा के मुताबिक, अभी तक 3.59 करोड़ से कुछ ज्यादा लोगों ने ही आईटीआई फाइल किया है। इस प्रकार, 31 दिसंबर, 2021 की डेडलाइन में 15 दिन ही बचे हैं और 2.36 करोड़ लोगों द्वारा आईटीआर भरना बाकी है। नए लॉन्च इनकम टैक्स पोर्टल में अभी भी आ रहीं खामियों को देखते हुए इतने ज्यादा लोगों का सिर्फ 15 दिन में आईटीआर फाइल करना संभव नहीं है। पिछले साल भी सरकार ने तीन बार आईटीआर फाइलिंग की डेट बढ़ाई थी।

उक्त वजहों से सरकार मौजूदा 31 दिसंबर, 2021 की डेडलाइन के आसपास आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाने पर विचार कर सकती है।

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इलिजिबल डोनेशन सहित कई गणना में है दिक्कत

डेलॉय इंडिया की पार्टनर तापती घोष कहती हैं, “टैक्स ऑडिट के दायरे में नहीं आने वाले इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइलिंग की बढ़ी हुई तारीख 31 दिसंबर, 2021 है। नई जेएसओएन यूटिलिटी के साथ अभी कई चुनौतियां जुड़ी हैं, जिससे निश्चित तारीख तक टैक्स रिटर्न फाइल करना चुनौतीपूर्ण है। उदाहरण के लिए, सरल टैक्स रेजीम में इलिजिबल डोनेशन, हाउस प्रॉपर्टी पर लॉस की गणना जुड़ी यूटिलिटी की दिक्कतों को दूर करने की जरूरत है। कुछ ऑपरेशनल चैलेंज भी हैं। उदाहरण के लिए, ई-फाइलिंग पोर्टल खासा सुस्त है।”

सिर्फ 50 फीसदी लोगों ने फाइल किया रिटर्न

एक आईटीआर फाइलिंग वेबसाइट Tax2Win.in के सीईओ अभिषेक सोनी कहते हैं, “वर्तमान में, बीते साल की तुलना में सिर्फ 50 फीसदी लोगों टैक्स रिटर्न फाइल किया है। इसलिए, अगले 15 दिन में 3.5 करोड़ लोगों को आईटीआर फाइल करना है, जो एक बड़ी संख्या है। साथ ही इनकम टैक्स वेबसाइट भी अभी नई है। इन सब बातों के चलते हमें लगता है कि सरकार अगले 5 से 10 दिन में डेडलाइन बढ़ाने का फैसला करेगी।”

अब है ज्यादा रिव्यू की जरूरत

आरएसएम इंडिया के फाउंडर डॉ. सुरेश सुराना कहते हैं, “वित्त वर्ष 2020-21 (मार्च, 2021 में समाप्त) से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एनुअल इनफोर्मेशन स्टेटमेंट (एआईएस) लागू किया है, जो टैक्सपेयर से जुड़ा खासा डाटा मांगता है। ऐसे में टैक्सपेयर के लिए अपनी आय और रिपोर्टिंग जरूरतों का फॉर्म 26एएस से न सिर्फ मिलान करना, बल्कि एआईएस में दिखने वाले अपने ट्रांजैक्शंस/ इनकम की समीक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है। हाल में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए एआईएस डाटाबेस के उपब्ध होने से एक अतिरिक्त लेवल के रिव्यू की जरूरत होती है। स्पष्ट है कि टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइलिंग के लिए पर्याप्त समय की जरूरत है।”

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