LIC की एसेट क्वालिटी में सुधार, NPA भी हुआ कम

IPO लाने की तैयारी कर रही LIC के लिए अच्छी खबर, 31 मार्च, 2021 तक नेट NPA घटकर 0.05% रह गया

Life Insurance Corporation (LIC) जहां अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी में लगी हुई है, इस बीच उसके लिए अच्छी खबर आई है। मार्च, 2021 में समाप्त वित्त वर्ष में LIC की एसेट क्वालिटी में सुधार दर्ज किया गया है।

प्रस्तावित आईपीओ से पहले आई Life Insurance Corporation of India (LIC) की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 मार्च, 2021 तक 4,51,303.30 करोड़ रुपये के कुल पोर्टफोलियो की तुलना में उसकी नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 35,129.89 करोड़ रुपये हैं। वहीं उसकी सब-स्टैंडर्ड एसेट्स 254.37 करोड़ रुपये, संदिग्ध एसेट्स 20,369.17 करोड़ रुपये और लॉस एसेट्स 14,506.35 करोड़ रुपये हैं।

वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक, 34,934.97 करोड़ रुपये का आंकड़ा इन्श्योरैंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) के दिशानिर्देशों के तहत नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स के तौर पर बताया गया है।

ग्रॉस एनपीए 7.78 फीसदी रहा

मार्च, 2021 तक ग्रॉस एनपीए 7.78 प्रतिशत रहा, जबकि नेट एनपीए 0.05 फीसदी रहा। यह बीते साल में रहे 8.17 फीसदी (उसके कर्ज पोर्टफोलियो का प्रतिशत) ग्रॉस एनपीए से 0.79 फीसदी कम है। 2019-20 में 4,49,364.87 करोड़ रुपये के कुल कर्ज में 36,694.20 था।

एलआईसी ने 37,341.6 करोड़ रुपये का किया प्रॉविजन

बीमा कंपनियों की तुलना में बैंकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली सीमा अलग है। एलआईसी आम तौर पर अपनी डेट बुक में सभी एनपीए के लिए पूरा प्रोविजन करती है। एलआईसी ने 37,341.6 करोड़ रुपये का प्रॉविजन किया था, जिसमें से 34,934.97 करोड़ रुपये संदिग्ध और सब-स्टैंडर्ड और लॉस एसेट्स के मद में किया गया था।

वार्षिक रिपोर्ट कहती है, “प्रबंधन ने एसेट क्वालिटी और रियल एस्टेट, कर्ज, निवेश, अन्य अचल संपत्तियों आदि के मामले में निवेश के प्रदर्शन की समीक्षा की है। साथ ही, जरूरत के आधार पर निवेश/ एसेट्स के मूल्य में कमी पर पर्याप्त प्रोविजन किया गया है।”

 

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