LIC के मेगा IPO को लेकर कहां तक पहुंची तैयारी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की समीक्षा

सरकार की इस वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च 2021 तक LIC का आईपीओ लाने की योजना है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharamn) ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की दिशा में अब तक हुई प्रगति की शुक्रवार को समीक्षा की। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार 7 जनवरी को ट्वीट में बताया कि सीतारमण ने LIC के IPO को लेकर अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की।

इस बैठक में डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडे और वित्त मंत्रालय के कई सीनियर अधिकारी भी शामिल थे। सरकार की इस वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च 2021 तक LIC का आईपीओ लाने की योजना है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है।

सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पूरा करने में LIC का IPO काफी अहम भूमिका निभा सकता है। बता दें सरकार इस वित्त वर्ष में अभी तक अन्य पब्लिक सेक्टर कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर सिर्फ 9,330 करोड़ रुपये ही जुटा सकी है।

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LIC के IPO के लिए सरकार ने सितंबर 2021 में दस मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति की थी जिनमें गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप और नोमुरा भी शामिल हैं। वहीं सिरिल अमरचंद मंगलदास को आईपीओ के लिए लीगल एडवाइजर नियुक्त किया गया है।

सरकार इस IPO में बिक्री के लिए रखी जाने वाली हिस्सेदारी का अनुपात तय करने में लगी हुई है। इसके अलावा LIC में विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए FDI पॉलिसी में बदलाव की भी तैयारी कर रही है।

SEBI के नियमों के मुताबिक फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) किसी भी IPO में शेयर खरीद सकते हैं। हालांकि LIC की स्थापना संसद में एक अधिनियम पास करके हुई है, जिसमें LIC में में विदेशी निवेश का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में सरकार LIC एक्ट के साथ FDI पॉलिसी में इसके लिए बदलाव करने पर गौर कर रही है।

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