LIC IPO : इस महीने आ सकता है DRHP, तैयार हो रहा 20% एफडीआई सीमा का प्रस्ताव

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का डिसइनवेस्टमेंट आसान बनाने के लिए कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने एफडीआई पॉलिसी में कुछ बदलाव पेश किए हैं

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) इस महीने लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) का ड्राफ्ट रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) लाने पर काम कर रहा है। सीएनबीसी टीवी 18 ने सूत्रों के हवाले से 14 जनवरी को यह जानकारी दी है।

20 एफडीआई लिमिट का हो सकता है प्रस्ताव

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे बड़े पब्लिक ऑफर में 20 फीसदी फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) लिमिट का प्रस्ताव किया जा रहा है और डीपीआईआईटी जल्द ही इससे जुड़ा एक प्रस्ताव कैबिनेट में रखेगा। डीआरएचपी एलआईसी की वैल्यु के साथ ही ऑफर किए जाने वाले शेयरों की संख्या बताएगा।

एफडीआई नियमों की समीक्षा कर रही सरकार

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी का डिसइनवेस्टमेंट आसान बनाने के लिए कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई) पॉलिसी में कुछ बदलाव पेश किए हैं। ब्लूमबर्ग ने इसी हफ्ते खबर दी थी कि विदेशी निवेशकों को लुभाने के लिए अथॉरिटीज एफडीआई से जुड़े नियमों की समीक्षा कर रही हैं और संशोधन कर रही हैं। विदेशियों को ज्यादातर भारतीय बीमा कंपनियों में इक्विटी स्टेक लेने की अनुमति है, लेकिन एलआईसी के मामले में ऐसा नहीं है। एलआईसी संसद के एक एक्ट के तहत बनाई गई एक स्पेशल एंटिटी है।

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लिस्टिंग के बाद भी हिस्सेदारी ले सकेंगे विदेशी इनवेस्टर

उन्होंने कहा, “इस मेगा ऑफर में विदेशी स्टेक के लिए मंजूरी सिर्फ भाग लेने वाले ग्लोबल फंड तक सीमित नहीं होगी, बल्कि उन्हें लिस्टिंग के बाद ज्यादा हिस्सेदारी खरीदने की भी अनुमति मिलेगी। रेग्युलेटर्स ने पिछले महीने एंकर इनवेस्टर्स द्वारा शेयर सेल्स को नियंत्रित करने वाले सख्त नियमों सहित कई अन्य कदम उठाए हैं।”

डिसइनवेस्टमेंट टारगेट के लिए अहम है आईपीओ

पब्लिक इश्यू की सफलता सरकार के लिए 2021-22 के 1.75 लाख करोड़ रुपये का डिसइनवेस्टमेंट टारगेट हासिल करने के लिए खासी अहम है। अभी तक पीएसयू स्टेक सेल के जरिए सिर्फ 9,330 करोड़ रुपये जुटाए जा सके हैं।

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समझा जाता है कि भारत बीमा कंपनी के लिए 15 लाख करोड़ रुपये (203 अरब डॉलर) की वैल्युएशन पर जोर दे रहा है, हालांकि पूरी वैल्युएशन रिपोर्ट पर अभी भी काम जारी है। एलआईसी की स्थापित वैल्यू 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है और उसकी मार्केट वैल्यू इस रकम से चार गुनी हो सकती है। एक बार, फाइनल रिपोर्ट आने पर सरकार की उम्मीद की तुलना में वैल्युएशन बदल सकती है।

सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में आ सकती है एलआईसी

रिपोर्ट कहती है, “यदि इनवेस्टर्स सरकार द्वारा प्रस्तावित इस कैलकुलेशन से सहमत है तो एलआईसी भारत की सबसे बड़ी कंपनियों – रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टैंसी की कतार में शामिल हो सकती है, जिनकी वैल्युएशन क्रमशः 17 लाख करोड़ रुपये और 14.3 लाख करोड़ रुपये है।”

डिसक्लेमर : मनीकंट्रोल, नेटवर्क 18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क 18 पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का नियंत्रण है, जिसकी एक मात्र बेनीफिशियरी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

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