LIC IPO: सरकार को LIC का वैल्यूएशन दिसंबर के अंत तक मिलने की उम्मीद, मार्च से पहले आएगा आईपीओ

इम्बेडेड वैल्यू के आधार पर LIC के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) का प्राइस तय किया जाएगा

सरकार को दिसंबर के अंत तक लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) की इम्बेडेड वैल्यू (Embedded Value) मिलने की उम्मीद है। सरकार से जुड़े सूत्रों ने बुधवार को मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। बता दें कि इस इम्बेडेड वैल्यू के आधार पर LIC के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) का प्राइस तय किया जाएगा।

एक सूत्र ने बताया, “निजीकरण की प्रक्रिया द्वीपक्षीय होती है। इस प्रक्रिया का सफलतापूर्व पूरा सिर्फ सरकार पर ही नहीं बल्कि सभी पक्षों पर निर्भर होता है।” LIC के इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) पर बोलते हुए सूत्र ने कहा कि सरकार मौजूदा वित्त वर्ष की जनवरी-मार्च तिमाही में लॉन्च करने की उम्मीद कर रही है।

बता दें कि सरकार का अभी विनिवेश पर जोर है। केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष में विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए LIC की शेयर बाजार में लिस्टिंग और भारत पेट्रोलियम (BPCL) का निजीकरण काफी अहम है।

सूत्रों ने बताया कि भारत पेट्रोलियम (BPCL) की निजीकरण प्रक्रिया इस वित्त वर्ष में पूरा होना थोड़ा ‘मुश्किल’ दिख रहा है। हालांकि मार्केट के जानकारों को कहना है कि सरकार सिर्फ LIC की लिस्टिंग के लिए इस वित्त वर्ष में करीब 1 लाख करोड़ रुपये जुटा सकती है।

बता दें कि भारत सरकार इस आईपीओ के लिए एलआईसी का वैल्यूएशन 8 खरब रुपये से 10 खरब रुपये के बीच रखना चाहती है। भारत सरकार अपने विनिवेश लक्ष्य के तहत एलआईसी में अपनी 5 से 10 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच सकती है। सरकार अलग-अलग निवेशकों को देश में आकर्षित करने के लिए एलआईसी में सीधे विदेशी निवेश को भी मंजूरी दे सकती है।

इससे पहले सरकार ने एलआईसी का आईपीओ मार्च 2022 तक बाजार में लाने का ऐलान किया था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि इस आईपीओ में होने वाली किसी भी देरी की वजह सरकार की इच्छा शक्ति की कमजोरी नहीं होगी।

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