LIC IPO: 31 जनवरी के बाद जारी हो सकता है प्रॉस्पेक्ट्स, 15 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर जोर देगी सरकार

LIC पर सरकार के कैलकुलेशन से अगर निवेशक सहमत होते हैं, तो LIC भारत की सबसे बड़ी कंपनियों की लीग में शामिल हो जाएगी, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन खरबों में होगा

LIC IPO: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपने प्रस्तावित इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा करने की तैयारी कर रही है। हालांकि इससे पहले भारत सरकार इसके वैल्यूएशन को 15 लाख करोड़ रुपये (203 अरब डॉलर) आंकने पर जोर दे रही है। इस मामले से वाकिफ लोगों ने यह जानकारी दी। बता दें कि LIC की अनुमानित वैल्यू तय करने से जुड़ी अंतिम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।

सूत्रों ने बताया कि LIC की तथाकथित एम्बेडेड वैल्यू 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है और उसकी मार्केट वैल्यू इससे करीब 4 गुना अधिक हो सकती है। अंतिम रिपोर्ट आ जाने के बाद, सरकार जो वैल्यूएशन चाह रही है, उसमें बदलाव आ सकता है।

बता दें कि एम्बेडेड वैल्यू, किसी भी बीमा कंपनी की वैल्यू आंकने का एक अहम पैमाना होता है। इसे भविष्य में होने वाले मुनाफे को कंपनी के एसेट्स के नेट वैल्यू एक साथ जोड़कर निकाला जाता है। LIC के IPO के लिए जारी होने वाले प्रॉस्पेक्टस में इस वैल्यू को शामिल किया जाना है। आमतौर पर, बीमा कंपनियों की मार्केट वैल्यू उसकी एम्बेडेड वैल्यू के तीन गुना से पांच गुना के बीच होती है।

सूत्रों के मुताबिक, LIC के प्रस्तावित IPO के लिए 31 जनवरी से शुरू होने वाले हफ्ते में प्रॉस्पेक्टस जारी किया जा सकता है।

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यदि निवेशक सरकार के प्रस्तावित इन कैलकुलेशन से सहमत होते हैं, तो LIC करीब 15 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन के साथ भारत की सबसे बड़ी कंपनियों की लीग में शामिल हो जाएगी। अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की सबसे बड़ी कंपनियां हैं, जिनका मार्केट वैल्यूएशन क्रमशः 17 लाख करोड़ रुपये और 14.3 लाख करोड़ रुपये है।

इस मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि सरकार अपनी उम्मीदों को थोड़ा आगे बढ़ा सकती है। दो लोगों ने कहा कि सरकार अपनी उम्मीदों को थोड़ा आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि अंतिम वैल्यूएशन विभिन्न मापदंडों के आधार पर तय किया जाएगा, जिसमें निवेशकों की इस आईपीओ के लिए दिलचस्पी, भविष्य में मुनाफे की संभावना और इंडस्ट्री का आउटलुक जैसे पहलू शामिल हैं।

बता दें कि सरकार 31 मार्च से पहले LIC का आईपीओ लाने की योजना बना रही है। इसके तहत सरकार LIC में अपनी 5 से 10 फीसदी बेचेगी। सरकार जो वैल्यूएशन चाहती है, उस पर 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने से करीब 750 अरब रुपये मिलेंगे। सरकार इस रकम का इस्तेमाल अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने में करेगी।

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