LIC IPO: LIC अगले महीने सेबी में दाखिल कर सकता IPO के पेपर, यहां देखिए पूरी डिटेल

सेबी में एक बार पेपर दाखिल होने के बाद मर्चेंट बैंकर देश और विदेश में जनवरी तक निवेशकों के लिए रोड शो आयोजित करेंगे

भारत की सबसे बड़ी बीमा कंपनी नवंबर तक सेबी (SEBI) में अपने आने वाले IPO के पेपर दाखिल कर सकती है। यह IPO देश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य इसी वित्त वर्ष के अंदर IPO लाना है और इसके लिए हमने एक टाइम लाइन भी तय कर रखी है।

सरकार ने पिछले महीने इस IPO के लिए 10 मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति की थी। इनमें Goldman Sachs (India) Securities Pvt Ltd, Citigroup Global Markets India Pvt Ltd और Nomura Financial Advisory and Securities (India) Pvt Ltd के नाम शामिल हैं। ये देश के सबसे बड़े IPO का प्रबंधन करेंगे। इसके अलावा कुछ और बैंकों को भी इस IPO के प्रबंधन के लिए नियुक्त किया गया है।

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इसमें SBI Capital Market Ltd, JM Financial Ltd, Axis Capital Ltd, BofA Securities, J P Morgan India Pvt Ltd, ICICI Securities Ltd और Kotak Mahindra Capital Co Ltd. शामिल हैं। इस अधिकारी ने आगे कहा कि सेबी में एक बार पेपर दाखिल होने के बाद मर्चेंट बैंकर देश और विदेश में जनवरी तक निवेशकों के लिए रोड शो आयोजित करेंगे।

इस IPO के लिए Cyril Amarchand Mangaldas को लीगल एडवाइजर नियुक्त किया गया है। सरकार का लक्ष्य अगले मार्च में ख्तम होने वाले वित्त वर्ष के पहले बाजार में में LIC की लिस्टंग कराने की है।

अधिकारी ने आगे बताया कि वित्त मंत्रालय LIC के embedded वैल्यू  के आकलन की प्रक्रिया में है। एक बार यह काम पूरा हो जाने पर विनिवेश से जुड़े मंत्रियों का पैनल इस IPO के जरिए बेची जाने वाली सरकारी हिस्सेदारी कितनी होगी यह तय करेगी। सरकार ने Actuarial firm Milliman Advisors LLP India को LIC की embedded value  की गणना के लिए नियुक्त किया है।

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सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC में विदेशी निवेशकों को भी हिस्सा खरीदने की मंजूरी देने पर विचार कर रही है। सेबी के नियमों के मुताबिक,FPI इसकी पब्लिक ऑफर में हिस्सा खरीद सकते हैं। हालांकि LIC एक्ट में विदेशी निवेश का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए पब्लिक ऑफर में विदेशी निवेशकों की खरीद के लिए LIC के नियमों को सेबी के नियमों के अनुरूप बनाने के लिए कुछ फेरबदल की जरूरत होगी।

दरअसल इकोनॉमिक मामले की कैबिनेट कमेटी ने जुलाई महीने एक IPO को मजूरी दे दी थी। ये भी ध्यान रखने की बात है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में LIC के IPO की अहम भूमिका होगी।  इस साल अब तक सरकार ने संरकारी कंपनियों और एक्सिस बैंक में SUTTI की हिस्सेदारी बेचकर 9,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

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