MC Interview: BetterPlace की अगले 12-18 महीनों में IPO लाने की योजना: फाउंडर प्रवीण अग्रवाल

स्टाफिंग फर्म BetterPlace शेयर बाजारों में लिस्ट होने की योजना पर काम कर रही है

ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (HRMS) कंपनी बेटरप्लेस (BetterPlace) शेयर बाजारों में लिस्ट होने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के को-फाउंडर प्रवीण अग्रवाल (Pravin Agarwala) ने बताया कि अगले 12 से 18 महीनों में इसे एक्सचेंज पर लिस्ट होना चाहिए। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में, अग्रवाल ने बताया कि कैसे कंपनी IPO लाने से पहले एक निश्वित साइज को हासिल करने की कोशिश की और कैसे यह रेवेन्यू के मामले में अगले दो सालों में छह गुना बढ़ोतरी के लिए तैयार है।

पेश है इंटरव्यू के संपादित अंश:

सवाल: आपने पिछले कुछ महीनों में OLX पीपुल्स, Waah Jobs और Oust Labs जैसी कुछ युवा स्टार्टअप का अधिग्रहण किया है। आप किस तरीके से इन्हें अपने प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट कर रहे हैं और यह आपकी सर्विस डिलवरी और पोर्टफोलियो के विस्तार में किस तरीके से मदद कर रहा है?

जवाब: जब हम किसी कंपनी का अधिग्रहण करते हैं, तो हम देखते हैं कि वे हमारे लंबी अवधि के लक्ष्य के हिसाब में कैसे फिट होंगे। एक फर्म के तौर पर, सवाल यह है कि हम क्या समाधान पेश करने की कोशिश कर रहे हैं? यहां दो चीजें है। पहला, हम टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कंपनियों के पीपुल मैनेजमेंट का टेकओवर कर रहे हैं। दूसरा, हम अधिक से अधिक जॉब के मौके पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य ऑर्गनाइजेशन का डिजिटलीकरण करके, कर्मचारियों और बिजनेस मालिकों के लिए ग्रोथ करने में मदद करता है।

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जब हमने Oust Labs का अधिग्रहण किया, तो हमारा लक्ष्य उन लाखों लोगों को ट्रेनिंग मुहैया करना था, जिन्हें नौकरियां हासिल करने के लिए इसकी जरूरत है। हम लोगों को मुफ्त स्किल और अपस्किल की ट्रेनिंग देंगे और उनके लिए असर ढूंढेंगे। Oust Labs इसमें एक अहम भूमिका निभाएगी। यहां तक कि कॉरपोरेट भी अपने कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने के लिए हमारे मॉड्यूल और पाठ्यक्रमों का उपयोग कर सकते हैं। Waah Jobs और OLX OLX People हमें बी2बी सगेमेंट में विस्तार करने में मदद करेंगे। इसका उद्देश्य पीपुल और कॉरपोरेट ग्राहकों दोनों के लिए एक इंटिग्रेटेड मंच मुहैया कराना है।

सवाल: आपने हाल ही में फंडिंग जुटाई है और कई स्टार्ट-अप का अधिग्रहण किया है। क्या आप अभी आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में आ गए हैं या अभी अधिक और फंड की तलाश कर रहे हैं?

जवाब: हमारे पास उन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पूंजी है, जिसे हमने 2022 के अंत तक हासिल करने का टारगेट रखा है। हम 20222 तक 10 करोड़ रेवेन्यू के लक्ष्य को पार कर जाएंगे। यह रेवेन्यू के मामले में एक साल में दोगुनी ग्रोथ होगी। हमने इन-ऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए भी दरवाजे खुले रखे हैं। अगर हम कुछ अच्छे मौको (फर्मों के अधिग्रहण से जुड़े) की तरफ देखते हैं, तो हम ऐसा कर सकते हैं। फिलहाल इस स्तर पर, हम नए सक्रिय रूप से फंडिंग की तलाश में नहीं है।

सवाल: आपने कहा कि आपकी कंपनी अगले दो वर्षों में 3 करोड़ वर्कर्स को मैनेज करेगी। यह एक तरह से 15 गुना की बढ़ोतरी होगी। रेवेन्यू ग्रोथ के संदर्भ में इसका क्या मतलब है?

जवाब: हम हर दिन तीन करोड़ लोगों को प्रभावित करना चाहते हैं। हम सालाना आधार पर तेज ग्रोथ की तरफ देख रहे हैं, ताकि उस समय तक हमारी रेवेन्यू 30 करोड़ डॉलर (करीब 2,250 करोड़ रुपये) से थोड़ी अधिक हो जाए। मान लीजिए अभी 5 करोड़ डॉलर रेवेन्यू है, जिसे हम 31 मार्च, 2024 तक 30 करोड़ डॉलर चाहते हैं।

सवाल: स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक लहर चल रही है, जिसकी तहत हर दूसरी कंपनी या तो यूनिकॉर्न बन रही है या स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो रही है। आपकी क्या महत्वकांक्षाएं हैं?

जवाब: हमारा लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना है। यूनिकॉर्न बस एक उपलब्धि है, जिसे आप अपने सफर में हासिल करते हैं। प्रत्येक आंत्रप्रेन्योर की यह महत्वकांक्षा होती है, उसकी कंपनी एक दिन शेयर बाजार में लिस्ट हो। वे अपनी कंपनी का IPO लाना चाहते हैं। हमारी भी शेयर बाजार में लिस्ट होने की इच्छा है। इसके बारे में हमें अगले 12 से 18 महीनों में एक फैसला लेना होगा, जब हम इसके लिए तैयार होंगे।

आदर्श रूप में, IPO लाने से पहले कंपनी का साइज अच्छा होना चाहिए और उसे एक मुनाफा कमाने वाली कंपनी होनी चाहिए। जब आप पब्लिक होते हैं, तब आप लोगों से पैसे लेते हैं। ऐसे में आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें इसे लेकर अच्छा रिटर्न भी मिले।

सवाल: कुछ स्टाफिंग फर्म पहले से दुनिया भर के शेयर बाजारों में लिस्ट हैं। क्या यह आपको अपना IPO लाने और शेयर बाजार में सफल होने का विश्वास दिलाता है?

जवाब: हमारा गवर्नेंस और रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर काफी अच्छा है। अगर आप ग्लोबल स्तर पर HRMS कंपनियों को देखें तो, उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हम मानते हैं, हम भारत में ब्लू-कॉलर स्पेस में सबसे बड़े हैं। हमारे पास स्टाफिंग मॉडल का अतिरिक्त लाभ भी है। हमारा साइज और मुनाफा, गिग इकोनॉमी में मौजूद मौके आदि से हमें भरोसा है, शेयर बाजार में हमें अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी।

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