Oyo IPO: ओयो ने SEBI को लिखा लेटर, होटल एसोसिएशन के लगाए आरोपों को किया खारिज

FHRAI ने सेबी को लेटर लिखकर ओयो के आईपीओ आवेदन को रद्द करने की मांग की थी

हॉस्पिटैलिटी फर्म ओयो (OYO) ने सोमवार को मार्केट रेगुलेटर SEBI को एक लेटर लिखकर फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FHRAI) की तरफ से लगाए आरोपों को खारिज किया। FHRAI ने ओयो पर कॉम्पिटीशन से जुड़े गलत तरीकों को अपनाने, धोखाधड़ी करने और इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए जमा किए ड्राफ्ट पेपर में पर्याप्त खुलासे न करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही FHRAI ने सेबी से OYO के आईपीओ आवेदन को रद्द करने की मांग की थी।

इस बीच, FHRAI ने NCLAT के जुलाई के आदेश के खिलाफ अपील भी दायर किया है, जिसमें NCLT ने OYO की एक सहायक कंपनी के खिलाफ दिवाला मामले को बंद कर दिया था। FHRAI ने अक्टूबर में SEBI से संपर्क कर ओयो के आईपीओ आवेदन को खारिज करने और प्रस्तावित IPO को निलंबित करने की मांग की थी।

OYO ने अब इन आरोपों को खारिज करते हुए एक लेटर लिखा है, जिसे उसने सेबी और FHRAI दोनों को भेजा है। कंपनी ने कहा कि वह कॉम्पिटीशन को खत्म करने वाले किसी भी तरह के समझौते में नहीं है, जैसा कि आरोप लगाया गया है। OYO ने यह भी कहा कि वह मार्केट में दबदबा रखने वाली स्थिति में नहीं है, इसलिए अपनी स्थिति का दुरुपयोग नहीं कर सकती है।

इस आरोप पर कि ओयो ने अप्रत्याशित कारणों का हवाला देते हुए होटल पार्टनर्स के साथ किए कॉन्ट्रैक्ट को एकतरफा बदल दिया, कंपनी ने कहा कि उसे कोरोना महामारी के चलते ऐसे प्रावधानों को लागू करने के लिए “विवश” होना पड़ा था और उसकी तरफ से कोई धोखाधड़ी नहीं की गई थी।

FHRAI ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने आईपीओ के जमा ड्राफ्ट पेपर में अपने खिलाफ चल रहे मुकदमों के बारे में पर्याप्त खुलासा नहीं किया है, जिससे आगे चलकर रिटेल निवेशकों को नुकसान हो सकता है।

हालांकि, ओयो ने कहा है कि आईपीओ के लिए जमा ड्राफ्ट पेपर में कंपनी के खिलाफ चल रहे सभी मुकदमों का जिक्र किया गया है। ओयो ने एक अक्टूबर को IPO के जरिए 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए थे। इसे अभी SEBI की तरफ से मंजूरी मिलना बाकी है।

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