Paytm IPO: ‘भारत भाग्य विधाता’ के साथ पेटीएम फाउंडर ने दिया इमोशनल स्पीच, लिस्टिंग के समय BSE में ऐसा रहा माहौल

Paytm IPO: फाउंडर विजय शेखर शर्मा के संबोधन से पहले BSE में राष्ट्रगान हुआ

Paytm IPO: पेटीएम की लिस्टिंग भी काफी हद तक कंपनी के बिजनेस मॉडल की तरह ही रही, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह तो रहता है लेकिन साथ ही उनके अंदर इसे लेकर कुछ सवाल भी रहते हैं।

गुरुवार को पेटीएम की लिस्टिंग भले ही अपने आईपीओ प्राइस से 9% नीचे, 1950 रुपये पर हुई, लेकिन इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में जबरदस्त जोश और उत्साह का माहौल देखा गया।

इनवेस्टमेंट बैंकर्स और पेटीएम के एग्जिक्यूटिव्स इस मौके पर एक दूसरे को बधाई दे रहे थे। वहीं दो सीनियर बैंकरों को हंस कर एक दूसरे को गले लगाते हुए देखा गया, जिसमें से एक ने कहा, “मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि हम इसे यहां तक लेकर आ गए।”

BSE के इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल तक सजावट होने से उत्सव का माहौल और बढ़ गया था। गलियारे में आ रही गहरी नीली रंग की रोशनी आपको मंच की ओर ले जाती है, जिसे सफेद और पीले फूलों की भारी मात्रा से सजाया गया था।

रोटुंडा ट्रेडिंग हॉल में कभी शेयर ट्रेडर्स चिल्लाते थे और ट्रांजैक्शन पाने के लिए एक दूसरे के कपड़े फाड़ने को लेकर तैयार रहते थे। हालांकि आज यहां सूट-बूट में लोग मुस्कुराते हुए और जोश के साथ इस बहुप्रतीक्षित पल का जश्न मनाते हुए देखे जा रहे थे।

पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा के प्रवेश करते हुए यह जोश एक तरह के उन्माद में बदल गया। लोगों की भीड़ उसके मिलने, हाथ मिलाने के लिए उनकी तरफ बढ़ गई और इस पल से लेकर अगले एक घंटे तक, विजय शेखर शर्मा हमेशा दर्जनों की संख्या में लोगों से घिरे रहे।

शर्मा ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा, “मुझे लोगों का यह मूड पसंद आ रहा हैं। बिलकुल शादी जैसा लग रहा है।” विजय शेखर शर्मा को आम दिनों में वनलाइनर्स, पंचलाइंस और कम शब्दों में बड़ी बात कहने के लिए जाना जाता है। आज के दिन भी वह कुछ ऐसे ही मूड में दिखे।

उन्होंने आगे भी कई बार शादी से इस मौके की तुलना की। विजय शेखर शर्मा जब पेटीएम के CFO मधुर देवड़ा मंच पर आए, तब उन्होंने कहा, “हम दुल्हा और दुल्हन है, इसलिए हम साइड से आए हैं। यार, कोई शहनाई वगैरह बजवाओ।”

पेटीएम के इनवेस्टमेंट बैंकरों- मार्गेन स्टैनली और गोल्डमैन सैक्स ने इस आईपीओ से 323 करोड़ रुपये कमाए हैं। इन्होंने बहुत ही गर्व के साथ उन शुरुआती दिनों के बारे में बताया, जब उन्होंने पेटीएम को लेकर पहली बार विजय शेखर शर्मा से बात की थी।

मॉर्गन स्टेनली में इनवेस्टमेंट बैंकिंग के इंडिया हेड कमल यादव ने कहा कि वह पहली बार “13 साल पहले विजय से मिले थे। उस समय वह काफी पतले थे और मेरे सिर पर अधिक बाल थे।”

पेटीएम के फाउंडर और CEO विजय शेखर शर्मा के प्री-लिस्टिंग संबोधन से पहले वहां राष्ट्रगान हुआ, जिसने इस माहौल को और सेट कर दिया। शर्मा एक काफी भावुक और आंसुओं से भरी स्पीच देने के बाद मंच से उतरे।

शर्मा ने कहा, “राष्ट्रगान में ‘भारत भाग्य विधाता’ शब्द का अनुवाद यह है कि जो इस देश के लिए भाग्य और संपत्ति का निर्माण करेगा” उन्होंने अपने आंसुओं को रोकते हुए और गहरी सांस लेने के बाद कहा, “और पेटीएम ने बिल्कुल ऐसा ही किया है।” हालांकि उनकी सांसें इतनी तेज थी कि वह BSE में मौजूद सैकड़ों लोगों को सुनाई दे दी रही थीं और उनकी भावनाओं को भी साफ देखा जा सकता था।

पेटीएम के आलोचकों का कहना है कि कंपनी का घाटा बढ़ता रही जा रहा है और यह न तो ग्रोथ कर रही है और न ही किसी सेगमेंट में मार्केट लीडर है, फिर भी हर वैल्यूएशन राउंड में इसकी वैल्यू बढ़ती ही जा रही है। विजय शेखर शर्मा ने अपने संबोधन में इस पहलू पर भी बात की।

उन्होंने कहा, “लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं इतनी अधिक कीमत पर पैसे कैसे जुटा रहा हूं। मैं उनसे कहता हूं कि मैं पैसों को कीमत पर नहीं जुटाता हूं, बल्कि एक उद्देश्य के आधार पर जुटाता हूं।”

उन्होंने कहा, “आज वह दिन है जिसकी हममें से कई लोगों ने कभी उम्मीद नहीं की थी। हम में से कई लोगों ने कभी नहीं सोचा था कि हम यहां तक पहुंच सकते हैं। आज वह दिन है जब इस देश में एक आम आदमी का सरनेम बाहरी लगता है।”

शर्मा ने पेटीएम के शेयरों में ट्रेडिंग शुरू करने के लिए BSE के घंटी को बार-बार बजाया, जो किसी भी कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक पल होता है। कंपनी के निवेशकों में शामिल सॉफ्टबैंक के मनीष वर्मा और इलेवेशन कैपिटल के रवि एड्यूसुमाली (जिन्हें शर्मा पेटीएम का कोफाउंडर बताते हैं) ने भी बारी-बारी से घंटी को बजाया। पेटीएम के लिस्टिंग के आधे घंटे बाद तक घंटी को बजते हुए सुना जा सकता था।

हालांकि इतने उत्साह भरे माहौल के बावजूद जल्द ही वास्तविकता ने मूड को कुछ हद तक बिगाड़ दिया।

पेटीएम के शेयर उसके आईपीओ प्राइस से 9 पर्सेंट नीचे लिस्ट हुए और अगले एक घंटे में करीब 20 पर्सेंट तक नीचे लुढ़क गए। हालांकि हॉल में मौजूद अधिकतर लोगों को शायद इसकी जानकारी नहीं मिली, यहां उन्होंने ध्यान नहीं दिया या फिर कुछ मामलों में जान-बूझकर इस तथ्य को नजरअंदाज किया।

इस कार्यक्रम से इतर एक इनवेस्टमेंट बैंकर ने बताया, “यह बिल्कुल अच्छा नहीं है। वह भी एक ऐसे आईपीओ के लिए, जिससे लेकर लंबे समय से मार्केट में चर्चा रही हो। हालांकि अभी इस बारे में कुछ ज्यादा कहना जल्दीबाजी होगी। यह अभी भी आईपीओ से अधिक कीमत पर जाकर बंद हो सकता है।”

पेटीएम के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम पहले ही काफी कम हो गया था और ऐसे संकेत मिल रहे थे कि यह डिस्काउंट पर लिस्ट हो सकता है। फिर भी BSE में कई लोगों को यह नहीं पता था कि इसके शेयरों में गिरावट आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले हफ्ते पॉलिसीबाजार के आईपीओ के ठीक उलट, पेटीएम के लिए बुक हॉल में शेयरों का भाव बताने वाला कोई इंडिकेटर नहीं रखा गया था। यह बताता है कि उन्हें पहले से ही इसका अंदाजा था।

हालांकि जब एक रिपोर्टर ने कीमतों में गिरावट को लेकर पेटीएम के एक निवेशक को बताया, तो उन्होंने कहा, “कोई नहीं यार, अभी को एक लंबा सफर तय करना है।”

स्टॉक में गिरावट का लोगों के जोश और उत्साह पर थोड़ा भी असर नहीं देखा गया। लिस्टिंग के बाद भी बैंकरों, वकीलों और पेटीएम कर्मचारियों के समूहों को हंसी को सुना जा सकता था। सभी इस दौरान तस्वीरों को क्लिक कराते और एक दूसरे को बधई देते नजर आ रहे थे।

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