Paytm IPO में पैसा लगाने वालों के सिर्फ दो दिन में डूबे ₹6,690 करोड़, फ्लॉप साबित हुई देश की सबसे बड़ी लिस्टिंग

पेटीएम ने इसी महीने में अपना आईपीओ लॉन्च किया था, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है

पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (One97 Communications Ltd) के शेयरों में लिस्टिंग के दूसरे दिन भी गिरावट जारी रही। वॉल स्ट्रीट जनरल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेटीएम के आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों के इन दो दिनों करीब 90 करोड़ डॉलर (6690 करोड़ रुपये) डूब चुके हैं।

पेटीएम ने इसी महीने में अपना आईपीओ लॉन्च किया था, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। हालांकि इसकी लिस्टिंग काफी खराब रही। बिकवाली के भारी दबाव के बीच सोमवार को NSE पर Paytm के शेयर 12.74 फीसदी गिरकर 1,362.00 रुपये के भाव पर बंद हुए। यह इसके इश्यू प्राइस से करीब 37 पर्सेंट कम है।

मोबाइल पेमेंट से लेकर फाइनेंशियल सर्विसेज तक मुहैया कराने वाली पेटीएम के शेयर पिछले हफ्ते गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्ट हुए। यह करीब 1800 करोड़ रुपये का आईपीओ था, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। पेटीएम के आईपीओ का लंबे समय से इंतजार था। इस कंपनी के निवेशकों में जापान की दिग्गज इनवेस्टमेंट फर्म सॉफ्टबैंक ग्रुप, वॉरेन बफेट की बार्कशायर हैथवे और चीन की दिग्गज फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी एंट ग्रुप शामिल है।

आईपीओ का एक बड़ा हिस्सा ऑफर-फार-सेल (OFS) था, जिसके तहत कंपनी के फाउंडर्स और निवेशकों ने अपने शेयर को बिक्री के लिए रखा। हालांकि इस लिस्टिंग काफी खराब रही। यह शेयर न सिर्फ डिस्काउंट पर यानी इश्यू प्राइस से कम पर लिस्ट हुआ, बल्कि पहले ही दिन इसके शेयर 27 पर्सेंट तक गिर गए और इसमें लोअर सर्किट लग गया।

यह हाल फिलहाल में लिस्ट होने वाला सबसे खराब आईपीओ है। Dealogic के मुताबिक, सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में 1 अरब डॉलर से अधिक साइज वाले किसी भी आईपीओ का यह लिस्टिंग के दिन सबसे खराब प्रदर्शन रहा।

कहां हुई चूक?

हांगकांग की रिसर्च फर्म Aletheia Capital Ltd के को-फाउंडर प्रशांत गोखले ने बताया, “यह साफ है कि इसकी कीमत अधिक रखी गई। बाहर से यह बता पाना मुश्किल है किन चीजों के आधार पर गलत कीमत तय हुई, लेकिन ऐसा लगता है कि कंपनी का सबसे बड़ा आईपीओ लॉन्च करने की इच्छा ने इसका वैल्यूएशन ऊंचा कर दिया।”

उन्होंने बताया, “कंपनी के बिजनेस फंडामेंटल्स कमजोर हैं, लेकिन इसकी कीमत आदर्श स्थिति को ध्यान में रखकर तय की गई।” गोखले ने कहा, “पेटीएम के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उनके पास कस्टमर बेस काफी बड़ा है, लेकिन वे इससे पैसे कैसे बनाएं, यह उनको सोचना है क्योंकि पेमेंट्स करने में कोई चार्ज नहीं लगता है। यूपीआई क्रांति आने के बाद यह चुनौती और बड़ी हुई है।”

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