SBI म्यूचुअल फंड आईपीओ के मैनेजमेंट के लिए जल्द ही कर सकती है इन्वेस्टमेंट बैंकरों की नियुक्ति

एसबीआई फंड का हेडक्वाटर मुंबई में है। यह AUM के नजरिए से भारत का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है। एसबीआई फंड प्राइमरी मार्केट का दरवाजा खटखटाने वाला चौथा म्यूचुअल फंड होगा।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिडेट (SBI Funds Management) जल्द ही अपने प्रस्तावित आईपीओ के लिए इन्वेस्टमेंट बैंकरों की नियुक्ति कर सकती है। एसबीआई फंड मैनेजमेंट भारत की टॉप एसेट मैनेजमेंट कंपनी है। कंपनी की योजना इस आईपीओ से कम से कम 50 करोड़ डॉलर जुटाने की है।

एसबीआई एमएफ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फ्रांस की Amundi एसेट मैनेजमेंट के बीच बना एक ज्वाइंट वेंचर है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कंपनी को इस हफ्ते कई इन्वेस्टमेंट बैंकरों से बिड मिली है। गौरतलब है कि एसबीआई फंड्स ने इसके पहले अपने प्रस्तावित आईपीओ के मैनेजमेंट के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया था जिसके जवाब में कई बैंकों ने अपने बीड दाखिल किए हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैंकों को बुधवार तक अपनी बिडें दाखिल करनी थी। तमाम घरेलू और फॉरेन बैंकों ने इस आईपीओ मैंडेड के लिए अपनी बिड डाली है। एसबीआई फंड अब बिड डालने वाले बैकों से उनके प्रेजेन्टेशन मांगेगी उसके बाद ही इन्वेस्टमेंट बैंकर की नियुक्ति की जाएगी। यह प्रेजेनटेशन इस महीने के अंत तक या अगले महीने के शुरुआत तक पेश किए जा सकते हैं।

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बता दें कि दिसंबर महीनें में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में 24,989.57 करोड़ रुपये रिकॉर्ड निवेश आया है जो कि नवंबर के 10,686.77 करोड़ रुपये के दोगुना से भी ज्यादा है। बता दें कि यह जोरदार इनफ्लो देश में कोरोना के तीसरे लहर के बीच आया है। जिससे एक बार इकोनॉमी के पटरी से उतरने का डर पैदा हो गया है। इस डर और आशंका के माहौल में भी म्यूचुअल फंडों में इतना बड़ा निवेश आना अहम बात है।

दिसबंर महीने में म्यूचुअल फंडों के एसआईपी प्लान में भी 11,305.34 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश देखने को मिला जबकि नवंबर में एसआईपी के जरिए होने वाले कुल निवेश 11,004.94 करोड़ रुपये रहा था। ये आंकड़ें एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया के विवरण पर आधारित हैं।

इसके पहले SBI MF इस बात के संकेत दिए थे कि इस आईपीओ में एसबीआई और Amundi अपने 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस 10 फीसदी में से भी 6 फीसदी हिस्सेदारी एसबीआई बेचेगा जबकि बकाया 4 फीसदी हिस्सेदारी Amundi बेचेगा। हालांकि RFP डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि आईपीओ का आकार और ढ़ांचा शेयरधारकों के निर्णय और कंपनी के प्रबंधन के विवेक पर निर्भर करेगा। कंपनी ने अभी तक इस आईपीओ के साइज का खुलासा नहीं किया है। हालांकि सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह आईपीओ कम से कम 50 करोड़ डॉलर का हो सकता है। इस संदर्भ में एसबीआई म्यूचुअल फंड से मांगे गए स्पष्टीकरण का कोई जवाब नहीं मिला है।

बता दें कि SBI Funds में एसबीआई की वर्तमान हिस्सेदारी 62.63 फीसदी है जबकि बकाया 36.78 फीसदी हिस्सेदारी Amundi India Holding के पास है जो कि फ्रांस कि Amundi एसेट मैनेजमेंट सब्सिडियरी है।

एसबीआई फंड का हेडक्वाटर मुंबई में है। यह AUM के नजरिए से भारत का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड है। एसबीआई फंड प्राइमरी मार्केट का दरवाजा खटखटाने वाला चौथा म्यूचुअल फंड होगा। इसके पहले बाजार में HDFC Asset Management, Nippon Life India Asset Management और UTI Asset Management Co Ltd लिस्टेड है।

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