Shriram Properties IPO: ग्रे मार्केट में सिर्फ 10 रुपये मजबूत है आईपीओ, क्या निवेशकों को लगाना चाहिए पैसा?

इन्वेस्टर्स के ठंडे रिस्पॉन्स के चलते पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन 1.37 गुना ही सब्सक्राइब, 10 दिसंबर को होगा बंद

Shriram Properties IPO : श्रीराम प्रॉपर्टीज का आईपीओ 8 दिसंबर 2021 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और 10 दिसंबर, 2021 तक खुला रहेगा। यह पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन 1.37 गुना (दोपहर 2.08 बजे तक) सब्सक्राइब हो चुका है। रिटेल कैटेगरी में इश्यू 7.12 गुना, क्यूआईबी (QIB) कैटेगरी में 0.12 गुना और एनआईआई कैटेगरी में 0.06 गुना ही सब्सक्राइब हुआ है।

श्रीराम प्रॉपर्टीज का ग्रे मार्केट में हाल

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीराम प्रॉपर्टीज का आईपीओ को खुले हुए डेढ़ दिन बीत चुका है, ग्रे मार्केट (grey market) से भी इससे जुड़े संकेत मिलने लगे हैं। बाजार के जानकारों के मुताबिक श्रीराम प्रॉपर्टीज का शेयर ग्रे मार्केट में 10 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, जो एक दिन पहले की तुलना में 6 रुपये कम है। कल इस शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम 16 रुपये के स्तर पर था। उन्होंने कहा कि निवेशकों की तरफ से सुस्त प्रतिक्रिया के चलते श्रीराम प्रॉपर्टीज का शेयर ग्रे मार्केट में कमजोर हो रहा है। हालांकि, उन्हें इश्यू के आखिरी दिन आईपीओ के लिए सब्सक्रिप्शन में तेजी आने की उम्मीद है।

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जीएमपी का क्या है मतलब?

बाजार के जानकारों ने कहा कि एक पब्लिक इश्यू के जीएमपी का मतलब आईपीओ की लिस्टिंग से होने वाला अनुमानित फायदा है। जैसे की आज श्रीराम प्रॉपर्टीज का जीएमपी 10 रुपये है तो इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट 128 रुपये (118+10 रुपये) रुपये पर इश्यू के लिस्ट होने की उम्मीद कर रहा है, जिससे 110 रुपये से 118 रुपये तक के इश्यू प्राइस की तुलना में ऊंची कीमत पर लिस्टिंग का पता चलता है।

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श्रीराम प्रॉपर्टीज के आईपीओ के लिए सब्सक्राइब करें या नहीं

रियल एस्टेट कंपनी के फाइनेंशियल्स पर जोर देते हुए ट्रस्टलाइन सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट अंकुर सारस्वत ने कहा, “श्रीराम ग्रुप की कंपनी श्रीराम प्रॉपर्टीज दक्षिण भारत की अग्रणी रेजिडेंशियल रियल एस्टेट डेवलपमेंट कंपनियों में से एक है। उसके ज्यादातर प्रोजेक्ट्स बंगलुरू और चेन्नई में हैं, इसलिए इससे स्थानीय स्तर केंद्रित होने का जोखिम जुड़ा है। कर्ज बढ़ने से फाइनेंशियल रिस्क, निर्माणाधीन और आगामी प्रोजेक्ट्स में देरी से इसकी प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमताओं पर संदेह बढ़ रहा है और लिक्विडिटी की समस्या के संभावित संकेत मिल रहे हैं। इसलिए, बैलेंसशीट में इन्वेंट्रीज लगातार बढ़ रही हैं।”

एग्रेसिव इन्वेस्टर्स को ‘सब्सक्राइब’ करने का सुझाव देते हुए स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर एनालिस्ट आयुष अग्रवाल ने कहा, “कंपनी के फाइनेंसियल्स कमजोर हैं। जहां कंपनी का रेवेन्यू घट रहा है, वहीं वित्त वर्ष 2020 से कंपनी घाटे में बनी हुई है। कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 19 में 723 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 21 में घटकर 501 करोड़ रुपये रह गया। मजबूत ब्रांड पहचान के बावजूद, कंपनी को कोविड के दौरान घाटा उठाना पड़ा, जबकि दूसरी रियल एस्टेट कंपनियों का प्रदर्शन शानदार रहा था। घाटे वाली कंपनी के कारण इसका रिटेल पोर्शन 10 फीसदी है। हालांकि, हम मानते हैं कि बाजार में शोभा, ब्रिगेड, प्रेस्टीज जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियां लिस्टेड हैं और सिर्फ एग्रेसिव इन्वेस्टर्स को ही आईपीओ में निवेश करना चाहिए।”

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