Supriya Lifescience IPO: कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हुआ इश्यू, रिटेल पोर्शन 6.68 गुना भरा

IPO में 200 करोड़ रुपए तक का फ्रेश इश्यू और 500 करोड़ रुपए तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) है

Supriya Lifescience IPO: सुप्रिया लाइफसाइंस लिमिटेड का इनिशियल पब्लिक ऑफिरिंग गुरुवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के कुछ ही घंटों के भीतर पूरी तरह से सब्सक्राइब हो गया। NSE के पास 12.36 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, ऑफर पर 1,45,28,299 शेयरों के मुकाबले 1,92,28,860 शेयरों के लिए बोलियां मिली।

रिटेल इनवेस्टर्स (RII) के पोर्शन को 6.68 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के पोर्शन को 40 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। सुप्रिया लाइफसाइंस के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) में 200 करोड़ रुपए तक का फ्रेश इश्यू और 500 करोड़ रुपए तक का ऑफर फॉर सेल (OFS) है।

इश्यू का प्राइस बैंड 265-274 रुपए प्रति शेयर है। बुधवार को कंपनी ने एंकर इनवेस्टर्स से 315 करोड़ रुपए जुटाए।

आईपीओ से मिली रकम में से 92.3 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, 60 करोड़ रुपये कर्ज को चुकाने और बाकी रकम सामन्य कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में खर्च किए जाएंगे।

जानिए क्या है इस कंपनी की खासियत?

यह भारत की सबसे बड़ी API मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है। यह दुनिया भर के 86 देशों को डायवर्स सेगमेंट के बेहतरीन प्रोडक्ट निर्यात करती है। कंपनी के कारोबार में रिस्क कम होने के कारण एडवांस रिसर्च, डिवलपमेंट की क्षमता के साथ मजबूत वित्तीय स्थिति है। ICICI सिक्योरिटीज और एक्सिस कैपिटल ऑफर के मैनेजर हैं।

क्या हैं इश्यू से जुड़े जोखिम?

कंपनी ने 500 करोड़ का IPO जारी किया है। इसमें से बड़ा हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) है। लिहाजा कंपनी को OFS में कोई रकम नहीं मिलेगी।

कंपनी की आमदनी का बड़ा हिस्सा कुछ खास तरह के प्रोडक्ट से ही हासिल होता है। ऐसे में इन प्रोडक्ट की डिमांड में कमी का असर कंपनी की आमदनी पर पड़ेगा।

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कंपनी की आमदनी का बड़ा हिस्सा कुछ ग्राहकों से ही आता है। ऐसे में अगर इन ग्राहकों की संख्या घटती है तो कंपनी की आमदनी पर इसका बड़ा असर होगा।

आईपीओ का करीब 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) के लिए, जबकि 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। बाकी का 15 पर्सेंट हिस्सा नॉन-क्वालिफाइड इनवेस्टर्स के लिए अलग रखा गया है। फिलहाल कंपनी की 99.98 पर्सेंट हिस्सेदारी प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के पास है। आईपीओ के बाद यह घटकर 67.59 फीसदी पर आ जाएगा।

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